राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पश्चिम बंगाल दौरे में प्रोटोकॉल के कथित उल्लंघन को लेकर सियासी विवाद गहरा गया है. अब इसे लेकर छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने भी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के पद का अपमान एक तरफ है, ये भारत की जनता का भी अपमान करना है. उन्होंने पश्चिम बंगाल की सरकार को खत्म करने की भी मांग की. छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम ने मीडिया से बातचीत में कहा, ”हमारे देश की राष्ट्रपति महोदया इतनी अच्छी हैं.
अनुसूचित जनजाति समाज से, एक गरीब परिवार से इतने बड़े पद पर पहुंचीं हैं, उनका सम्मान न करना गलत बात है. राष्ट्रपति के पद का अपमान एक तरफ है, दूसरी तरफ भारत के जनमानस का अपमान किया गया है. ममता बनर्जी की सरकार उच्छंखल हो चुकी है. इस सरकार को खत्म कर देना चाहिए.” राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जताई थी नाराजगी बता दें कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को बागडोगरा एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और किसी भी मंत्री के न मिलने पर अपनी नाराजगी जताई थी. राष्ट्रपति एक अंतरराष्ट्रीय आदिवासी सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए वहां पहुंची थीं.
मुर्मू ने सिलीगुड़ी के पास अपने कार्यक्रम के स्थान में बदलाव पर भी असंतोष जताया था. पीएम मोदी ने बंगाल की टीएमसी सरकार को घेरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति मुर्मू के कथित प्रोटोकॉल उल्लंघन को लेकर तृणमूल कांग्रेस सरकार पर अपना हमला तेज करते हुए रविवार को कहा कि राज्य की जागरूक जनता एक महिला आदिवासी नेता और देश की राष्ट्रपति का अपमान करने के लिए पार्टी को कभी माफ नहीं करेगी.

नक्सलवाद खत्म करने को लेकर क्या बोले डिप्टी सीएम? 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद को खत्म करने के केंद्र के दावे को लेकर पूछे गए सवाल पर डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा, ”मैं बाकी रह गए सारे नक्सलियों से कहना चाहता हूं कि समय ज्यादा नहीं रह गया है. वो पुनर्वास करें. न तो केंद्र और ना ही राज्य की सरकार गोली चलाना चाहती है. वो वापस आएं और हम लाल कालीन बिछाकर उनका स्वागत करेंगे. जो नहीं आएंगे तो उनके लिए बहुत स्पष्टता है कि हम बस्तर के गांव तक स्कूल, अस्पताल, आंगनबाड़ी, बिजली-पानी, सड़क, मोबाइल टावर, उन्नत किस्म के बीज, सिंचाई के लिए व्यवस्था पहुंचाना चाहते हैं.” उन्होंने आगे कहा, ”हम ये चाहते हैं कि बस्तर में नदी और तालाब के किनारे, सड़कों के किनारे लगाए गए IED खत्म हो जाएं. हम ये चाहते हैं कि बस्तर में कोई हमारे शिक्षा दूतों की हत्या न करे.
अगर कोई ऐसा करता है और जंगलों में हथियार लेकर चलेगा तो उसका जवाब हथियारों से ही दिया जाएगा. हमारे सशत्र बल के जवान उनको मुंहतोड़ जवाब देंगे. 31 मार्च अंतिम तारीख है. मैं फिर से कहना चाहता हूं कि 31 मार्च 2026 तक पूरा छत्तीसगढ़ नक्सलियों से मुक्त हो जाएगा.” …
