आपके फोन का USB पोर्ट केवल डिवाइस को चार्ज करने के लिए ही यूज नहीं होता. यह डेटा ट्रांसफर और एक्सटर्नल हार्ड डिस्क समेत कई दूसरी चीजों को भी सपोर्ट करता है. ऐसे में अगर आप इसमें नकली या अनसर्टिफाई डिवाइस प्लग करेंगे तो इसके खराब होने का खतरा बढ़ जाता है. इससे न सिर्फ आपका डिवाइस चार्ज होने बंद हो जाएगा बल्कि इसकी रिपेयरिंग के लिए आपको खर्चा भी करना पड़ेगा. आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि USB पोर्ट में किन डिवाइसेस को प्लग करने से बचना चाहिए.
नकली फास्ट चार्जर
आजकल अधिकतर कंपनियां फास्ट चार्जिंग वाले फोन लॉन्च कर रही हैं. अगर आप इन्हें असली और सर्टिफाईड चार्जर से यूज करते हैं तो ये 60-70 मिनट में पूरी तरह चार्ज हो जाते हैं. कुछ लोग पैसे बचाने के लिए या लापरवाही से नकली चार्जर खरीद लेते हैं. ये भले ही आपके फोन को जल्दी चार्ज कर दें, लेकिन इससे बैटरी और फोन को भारी नुकसान हो सकता है.
नकली केबल
चार्जर की तरह नकली केबल से भी बचना जरूरी है. खराब क्वालिटी वाली या नकली केबल भले ही आपके पैसे बचा दें, लेकिन ये पावर सप्लाई को रेगुलेट नहीं कर पाती, जिससे लंबे समय तक यूज करने पर फोन में ओवरहीटिंग समेत कई दूसरी दिक्कतें आ सकती हैं. इसलिए अपने USB पोर्ट में नकली केबल यूज करने से बचें.

पब्लिक चार्जिंग स्टेशन पर लगी केबल
रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट या कैफे आदि में बने पब्लिक चार्जिंग स्टेशन पर भी आपको फोन चार्ज करने से बचना चाहिए. दरअसल, इन चार्जिंग स्टेशन पर लगी केबल कॉम्प्रोमाइज्ड हो सकती हैं यानी इनका यूज आपके फोन को हैक करने के लिए किया जा सकता है. जैसे ही आप इन केबल को अपने फोन में प्लग-इन करेंगे, आपके डिवाइस में मालवेयर इंस्टॉल हो जाता है, जो आपका डेटा चुरा लेता है.
अनसर्टिफाई एक्सेसरीज
आजकल ई-कॉमर्स पर वेबसाइट पर ऐसी एक्सेसरीज की बाढ़ आई हुई है, जो आपके USB स्लॉट के जरिए फोन में प्लग-इन की जा सकती है. इनमें छोटा पंंखा, LED लाइट्स और टॉय वैक्यूम क्लीनर्स आदि शामिल हैं. ये काफी सस्ते होते हैं, जिनके कारण कई लोग इन्हें खरीद लेते हैं. अधिकतर मामलों में ये अनसर्टिफाइड ही होते हैं और इन्हें लंबे टाइम तक यूज करने से हीट जनरेट होती है, जिससे फोन का चार्जिंग सर्किट खराब होने का डर रहता है.
