स्मार्टफोन की दुनिया में फोल्डेबल फोन ने एक नया ट्रेंड बना दिया है. बड़ी स्क्रीन, प्रीमियम डिजाइन और भविष्य जैसा लुक इन सब वजहों से लोग इन्हें खरीदने के लिए उत्साहित रहते हैं. लेकिन क्या सिर्फ स्टाइल और बड़ी डिस्प्ले के कारण फोल्डेबल फोन लेना सही फैसला है? खरीदने से पहले कुछ जरूरी बातें जान लेना बेहतर है.
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फोल्डेबल फोन का सबसे बड़ा आकर्षण इसकी बड़ी डिस्प्ले है. फोन खोलते ही यह छोटे टैबलेट जैसा अनुभव देता है. मूवी देखना, गेम खेलना और मल्टीटास्किंग करना काफी आसान हो जाता है. हालांकि, यही बड़ी स्क्रीन कई बार नाजुक भी साबित हो सकती है. फोल्ड होने वाली डिस्प्ले पर क्रीज (लाइन) दिखना आम बात है. समय के साथ यह क्रीज और ज्यादा नजर आने लगती है जो कुछ यूजर्स को परेशान कर सकती है.
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फोल्डेबल फोन में खास हिंज मैकेनिज्म होता है जो स्क्रीन को मोड़ने और खोलने का काम करता है. यह तकनीक जितनी एडवांस है उतनी ही संवेदनशील भी हो सकती है. धूल या छोटे कण अंदर चले जाएं तो दिक्कत आ सकती है. साथ ही, आम स्मार्टफोन के मुकाबले फोल्डेबल डिवाइस की मरम्मत काफी महंगी होती है. अगर स्क्रीन या हिंज में समस्या आ जाए तो जेब पर बड़ा असर पड़ सकता है.
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फोल्डेबल फोन आमतौर पर प्रीमियम कैटेगरी में आते हैं. इनकी कीमत अक्सर फ्लैगशिप स्मार्टफोन से भी ज्यादा होती है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या इतनी कीमत में मिलने वाले फीचर्स वास्तव में आपके रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए जरूरी हैं? कई बार समान प्रोसेसर, कैमरा और बैटरी क्षमता वाले नॉन-फोल्डेबल फोन कम कीमत में बेहतर स्थिरता और टिकाऊपन दे देते हैं.
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फोल्डेबल फोन दो हिस्सों में बंटे डिजाइन के कारण थोड़े मोटे और भारी हो सकते हैं. जेब में रखने पर यह सामान्य फोन से अलग महसूस होते हैं. बैटरी लाइफ भी कई बार औसत ही रहती है क्योंकि बड़ी स्क्रीन ज्यादा पावर खपत करती है.
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अगर आप नई तकनीक को आजमाने के शौकीन हैं और प्रीमियम डिजाइन आपके लिए मायने रखता है, तो फोल्डेबल फोन एक दिलचस्प विकल्प हो सकता है. लेकिन अगर आप लंबे समय तक टिकाऊ और किफायती डिवाइस चाहते हैं तो पारंपरिक फ्लैगशिप स्मार्टफोन ज्यादा सुरक्षित विकल्प हो सकता है.
