धमतरी/ निजी विद्यालय प्रबंधक कल्याण संघ के आह्वान पर जिलेभर के निजी विद्यालय संचालकों, प्राचार्यों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने बुधवार को स्कूल बंद रखकर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष सुबोध राठी एवं जिला अध्यक्ष तरुण भांडे के संयुक्त नेतृत्व में आयोजित ‘हल्ला बोल’ आंदोलन के तहत मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर शिक्षा विभाग एवं पाठ्य पुस्तक निगम के खिलाफ नाराजगी जताई गई।
संघ के अनुसार धमतरी, नगरी, कुरूद, मगरलोड और भखारा सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों से 120 से अधिक निजी विद्यालयों के प्रतिनिधि आंदोलन में शामिल हुए। इस दौरान करीब एक हजार से अधिक लोगों ने अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया।
जिला अध्यक्ष तरुण भांडे ने कहा कि शिक्षा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार और छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम की लापरवाही के कारण निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों को समय पर शासकीय पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शासकीय स्कूलों को पुस्तकें उपलब्ध करा दी गई हैं, जबकि निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों के साथ भेदभाव किया जा रहा है।

उन्होंने मांग की कि 5 जुलाई तक सभी निजी विद्यालयों को आवश्यक शासकीय पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएं। यदि निर्धारित समय सीमा तक पुस्तकें नहीं मिलती हैं तो संघ प्रदेशव्यापी उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा।
प्रदेश अध्यक्ष सुबोध राठी ने कहा कि यह आंदोलन केवल धमतरी तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के 16 जिलों में निजी विद्यालय संचालकों द्वारा अपनी समस्याओं को लेकर संघर्ष किया जा रहा है। उन्होंने शिक्षा विभाग में मान्यता एवं आरटीई (RTE) प्रक्रियाओं के नाम पर भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाते हुए पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की मांग की।
संघ द्वारा कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में शिक्षा विभाग में लंबे समय से पदस्थ कर्मचारियों के तबादले, विभागीय कार्यों में पारदर्शिता तथा भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण की मांग की गई है।
संघ के सचिव गजेंद्र पटेल और सह-सचिव विशेष लखोटिया ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान निजी विद्यालयों के संचालकों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार तथा विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप की मांग की।
