तेलंगाना पुलिस की एलीट एंटी-नारकोटिक्स फोर्स ‘ईगल’ (EAGLE) ने एनसीबी, दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए भारत में सक्रिय एक प्रमुख नाइजीरियन ड्रग कार्टेल के बहु-राज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है.
दिल्ली के 20 स्थानों पर एक साथ छापेमारी में 50 से अधिक अवैध रूप से रह रहे नाइजीरियाई नागरिकों को गिरफ्तार किया गया, जबकि नोएडा, ग्वालियर और विशाखापत्तनम में कार्टेल के मुख्य संचालकों को भी पकड़ा गया.
चार ठिकानों पर भारी मात्रा में ड्रग्स बरामद
इस ऑपरेशन में चार ठिकानों से 5340 एक्सटेसी पिल्स, 250 ग्राम कोकीन, 109 ग्राम हेरोइन और 250 ग्राम मेथैम्फेटामाइन बरामद किए गए हैं, जिनकी कीमत 3.5 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है. पुलिस ने भारी मात्रा में नकदी भी जब्त की है. जांच में 59 म्यूल अकाउंट्स और दिल्ली में 16 प्रमुख कार्टेल हब्स की पहचान की गई है, जबकि इस ड्रग सिंडिकेट से जुड़े 107 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है.
पूरे भारत में कर रहा था ड्रग्स सप्लाई
जांच में खुलासा हुआ है कि यह कार्टेल पूरे भारत में 2000 से अधिक ग्राहकों और तस्करों को ड्रग्स सप्लाई कर रहा था. पैसों के लेन-देन के लिए सैकड़ों म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता था, जिन्हें नाइजीरियन हैंडलर्स को सौंप दिया जाता था. ड्रग्स को लादो सराय, महरौली, संत गढ़, प्रताप एन्क्लेव, निलोठी, मुनिर्का समेत कई दिल्ली कॉलोनियों से भेजा जाता था.

ड्रग्स जूते कपड़े में छुपाकर भेजे जाते थे
ये ड्रग्स जूते, कपड़े, कॉस्मेटिक्स और चप्पलों के कूरियर पैकेट में छिपाकर भेजे जाते थे. कार्टेल श्री मारुति कूरियर्स, डीटीडीसी, प्रोफेशनल कूरियर्स, शिपरॉकेट, इंडिया पोस्ट, डेलवरी, ब्लू डार्ट और ट्रैकऑन कूरियर्स जैसी कंपनियों का इस्तेमाल करता था.
गेट तोड़कर पकड़ा आरोपियों को
छापेमारी के दौरान कई जगहों पर आरोपियों ने दरवाजे नहीं खोले, जिसके चलते पुलिस को दरवाजे तोड़ने पड़े. आशंका है कि इस दौरान कई लोगों ने सबूतों को नष्ट कर दिया होगा. ये कार्टेल सदस्य स्टूडेंट वीजा पर भारत आते हैं, कॉलेज नहीं जाते और ड्रग्स व सेक्स ट्रेड से कमाई कर शानदार जीवनशैली जीते हुए देश के युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेल रहे हैं. दिल्ली क्राइम ब्रांच ने जब्त सामग्री और नाइजीरियाई नागरिकों को अपने कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.
