WhatsApp Spam Message: WhatsApp दुनियाभर में सबसे ज्यादा यूज होने वाले मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स में से एक है. पूरी दुनिया में रोजाना इस पर अरबों मैसेज भेजे जाते हैं. लोग पर्सनल से लेकर बिजनेस तक की बातों के लिए इस्तेमाल करते हैं. हालांकि, पिछले काफी समय से स्पैम मैसेज की दिक्कत यूजर्स को परेशान कर रही है. दिनभर अनजान नंबरों मैसेज और प्रमोशनल ऑफर आते रहते हैं. कई बार तो ऐसे सेंडर से भी मैसेज आते हैं, जिनका आपने नाम ही नहीं सुना होता. अब रिसर्चर ने एक वॉर्निंग जारी की है. उनका कहना है कि एआई एजेंट के आ जाने से स्पैम की समस्या बढ़ सकती है. ऐसे में अगर आप स्पैम मैसेज से छुटकारा पाने की उम्मीद कर रहे थे तो फिलहाल आपको निराशा ही हाथ लगेगी. आइए जानते हैं कि एआई एजेंट क्या होते हैं और ये कैसे व्हाट्सऐप पर स्पैम की समस्या को बढ़ा सकते हैं.
क्या होते हैं एआई एजेंट?
एआई एजेंट की बात करें तो ये ऐसे सॉफ्टवेयर सिस्टम होते हैं, जिन्हें खुद से गोल या टास्क पूरा करने के लिए डिजाइन किया जाता है. इनमें रीजनिंग, मेमोरी और प्लानिंग की कैपेबिलिटीज होती हैं और ये टास्क करते-करते लगातार सीखते रहते हैं. यूजर की कमांड मिलने के बाद ये खुद से डिसीजन ले सकते हैं. ये चैटबॉट से पूरी तरह अलग होते हैं. चैटबॉट जहां सिर्फ आपके सवालों के जवाब देते हैं, वहीं एआई एजेंट टिकट बुकिंग, ग्रॉसरी ऑर्डर करने और शॉपिंग करने जैसे टास्क कर सकते हैं. ये अपने आसपास के एनवायरनमेंट से इंफोर्मेशन जुटाकर कॉन्टेक्स्ट समझते और उस आधार पर फैसले लेते हैं. वर्कफ्लो को ऑटोमेट कर ये प्रोडक्टिविटी और एफिशिएंसी बढ़ाते हैं.

अब व्हाट्सऐप पर एआई एजेंट से क्या खतरा?
एक साइबर सिक्योरिटी कंपनी Zenity ने नई स्टडी की है, जिससे पता चला है कि एआई एजेंट व्हाट्सऐप कॉन्टैक्ट को एक साथ कई स्पैम मैसेज भेज सकते हैं. स्टडी के दौरान पता चला कि OpenAI के Atlas वेब ब्राउजर को मैनिपुलेट कर व्हाट्सऐप कॉन्टैक्ट्स के पास स्पैम मैसेज भेजे जा सकते हैं. हालांकि, यह व्हाट्सऐप की खामी के कारण नहीं हो रहा है. व्हाट्सऐप का एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन सिक्योर रहा और एक्सपेरिमेंट के दौरान इसे बाईपास नहीं किया जा सका. असल इश्यू एआई ब्राउजर के एजेंट का है, जिनसे यूजर की तरह स्पैम भेजे जा सकते हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, OpenAI, Google, Anthropic, Microsoft और Perplexity जैसी कंपनियों की तरफ से डेवलप किए गए एआई ब्राउजर और एक्सटेंशन में 20 से अधिक सिक्योरिटी इश्यूज सामने आए हैं. इनका मिसयूज कर अटैकर्स यूजर के कंप्यूटर पर स्टोर की फाइल को एक्सेस, पासवर्ड मैनेजर को कंट्रोल, अमेजन पर अनऑथोराइज्ड खरीदारी और व्हाट्सऐप के लिए स्पैम कैंपेन को भी ऑटोमेट कर सकते हैं. इससे पता चलता है कि इन खामियों का कितना बड़ा खतरा है.
साइबर सिक्योरिटी को लेकर सामने आई एक और चुनौती
एआई ब्राउजर के एजेंट ने साइबर सिक्योरिटी को लेकर एक नई तरह की चुनौती पेश कर दी है क्योंकि ये कम से कम यूजर इंटरेक्शन के साथ अलग-अलग वेबसाइट पर टास्क परफॉर्म कर सकते हैं. स्टडी करने वाली कंपनी के को-फाउंडर माइकल बर्गरी ने कहा कि एआई एजेंट ने ब्राउजर के सिक्योरिटी कंट्रोल को कमजोर कर दिया है और फिर से 20 साल पहले की तरह के अटैक देखने को मिल रहे हैं. अब ऐसी स्थिति आ गई है, जहां ब्राउजर हाईजैक हो सकते हैं और आपका अकाउंट और डेटा कॉम्प्रोमाइज हो सकता है. इसलिए हमें इस बात का बहुत ध्यान रखना चाहिए कि हम एआई एजेंट्स को किस लेवल की एक्सेस दे रहे हैं.
इस खतरे को लेकर OpenAI ने क्या कहा है?
जेनिटी ने Atlas ब्राउजर की इस खामी के बारे में इसी साल जनवरी में OpenAi को अवगत करवा दिया था. इसके जवाब में कंपनी ने कहा कि वह लगातार प्रॉम्प्ट-इंजेक्शन अटैक्स पर रिसर्च कर रही है और इस खामी को दूर करने के लिए अपडेट्स रोल आउट कर दी गई हैं. यह भी गौर करने वाली बात है कि OpenAI का एटलस ब्राउजर 9 अगस्त से बंद हो रहा है. कंपनी ने इसे आगे जारी न रखने का फैसला किया है.
