सत्र न्यायालय धमतरी ने सुनाया फैसला, आरोपी पर 1 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया; उत्कृष्ट विवेचना के लिए निरीक्षक सन्नी दुबे होंगे पुरस्कृत
धमतरी/ थाना अर्जुनी क्षेत्र के बहुचर्चित आमदी हत्याकांड में माननीय सत्र न्यायालय धमतरी ने आरोपी सुकालू चेलक को दोषसिद्ध करते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर 1,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं करने की स्थिति में आरोपी को 3 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
यह मामला थाना अर्जुनी के अपराध क्रमांक 262/2024 से संबंधित है। न्यायालय ने आरोपी को धारा 103(1) बीएनएस के तहत दोषी ठहराया है।
बकरियां चराने निकले थे आत्माराम, अगले दिन नाली में मिला शव
घटना 30 सितंबर 2024 की है। ग्राम आमदी निवासी आत्माराम पटेल बकरियां चराने के लिए घर से निकले थे, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटे। अगले दिन आमदी-भानपुरी रोड स्थित नाली में उनका रक्तरंजित शव बरामद हुआ।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोट और अंदरूनी रक्तस्राव से मौत होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

प्रत्यक्षदर्शी नहीं था, वैज्ञानिक साक्ष्यों से आरोपी तक पहुंची पुलिस
मामले की खास चुनौती यह थी कि घटना का कोई प्रत्यक्षदर्शी मौजूद नहीं था। तत्कालीन विवेचना अधिकारी निरीक्षक सन्नी दुबे ने परिस्थितिजन्य, वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों को जुटाते हुए साक्ष्यों की मजबूत श्रृंखला तैयार की।
विवेचना के दौरान आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर हत्या में प्रयुक्त डंडा, कपड़े एवं मिट्टी जब्त की गई। एफएसएल रिपोर्ट में आरोपी के कपड़ों और घटनास्थल से प्राप्त मिट्टी के बीच समानता पाए जाने की जानकारी सामने आई। इसके अलावा अन्य वैज्ञानिक एवं चिकित्सीय साक्ष्यों को भी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा
अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत तर्कों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर माननीय सत्र न्यायालय धमतरी ने आरोपी सुकालू चेलक, पिता स्व. सोनू राम चेलक, उम्र 45 वर्ष, निवासी ग्राम चुनकट्टा, थाना उतई, जिला दुर्ग को धारा 103(1) बीएनएस के तहत दोषसिद्ध करते हुए आजीवन कारावास एवं 1,000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया।

उत्कृष्ट विवेचना के लिए निरीक्षक सन्नी दुबे होंगे पुरस्कृत
मामले में प्रत्यक्षदर्शी नहीं होने के बावजूद वैज्ञानिक एवं साक्ष्य आधारित विवेचना के माध्यम से आरोपी तक पहुंचने और न्यायालय में दोषसिद्धि सुनिश्चित कराने में विवेचना अधिकारी निरीक्षक सन्नी दुबे की भूमिका महत्वपूर्ण रही। उत्कृष्ट एवं वैज्ञानिक विवेचना के लिए पुलिस अधीक्षक धमतरी द्वारा निरीक्षक सन्नी दुबे को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर पुरस्कृत किया जाएगा।
धमतरी पुलिस का कहना है कि वैज्ञानिक अनुसंधान, साक्ष्य आधारित विवेचना और प्रभावी अभियोजन के माध्यम से अपराधियों को सजा दिलाने तथा पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए पुलिस लगातार कार्य कर रही है।
