India-Pak Warships Collide: 15 सितंबर 2026 को उत्तरी अरब सागर में ओमान की खाड़ी से लगभग 120 नॉटिकल मील दूर भारतीय नौसेना के एक फ्रंटलाइन युद्धपोत और पाकिस्तान नौसेना के ऑफशोर पेट्रोल वेसल PNS हुनैं के बीच टक्कर हुई. रिपोर्ट के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में नियमित रक्षा मिशन के दौरान पाकिस्तानी जहाज तेज रफ्तार से भारतीय युद्धपोत के करीब आया, इससे टक्कर हो गई. आपको बता दें कि भारत और पाकिस्तान के नौसैनिक जहाजों के बीच ऐसी पहली घटना नहीं थी. इससे पहले जून 2011 में अदन की खाड़ी में एक काफी बड़ी घटना हुई थी.
क्या है ताजा घटना?
हालिया घटना उत्तरी अरब सागर के अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में हुई. भारतीय नौसेना का एक फ्रंटलाइन युद्धपोत नियमित निगरानी मिशन पर था. पाकिस्तान नौसेना का ऑफशोर पेट्रोल वेसल तेज रफ्तार से भारतीय युद्धपोत के करीब आया. रिपोर्ट के मुताबिक उसके पास आने का तरीका काफी गैर-पेशेवर माना गया. यही वजह है कि दोनों जहाजों में अचानक टक्कर हो गई. टक्कर से पाकिस्तानी जहाज को काफी ज्यादा नुकसान पहुंचा है. पाकिस्तानी जहाज को बुरी तरह क्षतिग्रस्त हालत में कराची बंदरगाह पर लौटना पड़ा. इसके उलट भारतीय युद्धपोत को कोई भी ऑपरेशनल नुकसान नहीं हुआ है और वह अपना सौंपा गया मिशन जारी रखने में सक्षम रहा.

2011 में आईएनएस गोदावरी और पीएनएस बाबर के बीच क्या हुआ था?
इससे पहले बड़ी घटना जून 2011 में अदन की खाड़ी में हुई थी. उसे समय भारतीय युद्धपोत आईएनएस गोदावरी और पाकिस्तान युद्धपोत पीएनएस बाबर समुद्री सुरक्षा अभियानों में शामिल थे. यह अभियान एमवी स्वेज नाम के मर्चेंट जहाज से जुड़ा था. इसे सोमाली समुद्री लुटेरों के कब्जे से छुड़ाया गया था.
ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तानी जहाज तेज रफ्तार से आईएनएस गोदावरी के करीब आया और भारतीय युद्धपोत के खतरनाक रूप से नजदीक पहुंच गया. इसके बाद पाकिस्तान का युद्धपोत भारतीय युद्धपोत को छूते हुए निकल गया.
हालिया घटना के उलट भारतीय जहाज को हुआ नुकसान अपेक्षाकृत कम था. इस घटना में भारतीय युद्धपोत के हेलीकॉप्टर डेक पर लगी सेफ्टी नेट को नुकसान पहुंचा था. फिर भी 2011 की घटना ने भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक तनाव पैदा कर दिया था.
इन दो घटनाओं में किसे नुकसान हआ?
दोनों घटनाओं में हुए नुकसान अलग-अलग थे. सितंबर 2026 में उत्तरी अरब सागर में हुई घटना में पाकिस्तानी जहाज को भारी नुकसान हुआ और खबर है कि वह पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हालत में कराची लौट गया. भारतीय जहाज बिना किसी ऑपरेशनल नुकसान के अपना मिशन जारी रख रहा है.
जून 2011 में अदन की खाड़ी में हुई घटना में पाकिस्तानी जहाज के छूकर गुजरने के बाद भारतीय जहाज के हेलीकॉप्टर डेक पर लगी सुरक्षा जाली को मामूली नुकसान पहुंचा था. इस वजह से बताई गई घटनाओं के आधार पर 2026 की टक्कर में पाकिस्तानी जहाज को काफी ज्यादा नुकसान हुआ है जबकि 2011 की घटना में भारतीय युद्धपोत को मामूली नुकसान पहुंचा था.

क्या समुद्र में पहले भी ऐसी घटनाएं हुई हैं?
दोनों देशों के बीच समुद्री टकराव का इतिहास और भी पुराना है. सोसाइटी फॉर पॉलिसी स्टडीज की रिपोर्ट के मुताबिक 1995 और 1996 में भी गंभीर समुद्री घटना हुई थी. इसमें भारत और पाकिस्तान के नौसैनिक जहाजों और हेलीकॉप्टरों के बीच टकराव और बाल बाल बचने जैसी घटना शामिल थी.
