धमतरी/ जिला अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर गुरुवार को ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यालय के सामने बैरिकेडिंग की गई थी तथा सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल तैनात रहा। पूरे कार्यक्रम का नेतृत्व डीएसपी भानु चंद्राकर ने किया।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष योगेश शर्मा और गौतम वाधवानी के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में विधायक ओंकार साहू, पूर्व विधायक गुरमुख सिंह होरा, पूर्व विधायक लेखराम साहू सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं लगातार बदहाल होती जा रही हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी, जांच सुविधाओं का सीमित समय, दवाइयों की अनुपलब्धता तथा मरीजों की परेशानियों को लेकर लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं। इसी को लेकर 8 सूत्रीय मांगों के साथ प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस ने प्रशासन को 15 दिनों के भीतर व्यवस्था सुधारने का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा।

कांग्रेस की प्रमुख 8 मांगें
- जिला अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तत्काल भर्ती की जाए।
- ट्रॉमा सेंटर की नई बिल्डिंग में हो रहे निर्माण संबंधी भ्रष्टाचार की जांच कर ठेकेदार व संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
- सोनोग्राफी, एक्स-रे एवं सीटी स्कैन जैसी जांच सुविधाएं 24 घंटे उपलब्ध कराई जाएं।
- दोपहर के लंबे लंच ब्रेक में बदलाव कर मरीजों को लगातार सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।
- बीपी, शुगर, मल्टीविटामिन एवं अन्य आवश्यक दवाइयों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
- सरकारी खर्च पर पढ़ाई करने वाले डॉक्टरों की सेवा अवधि 2-3 वर्ष से बढ़ाकर कम से कम 10 वर्ष की जाए।
- जिला अस्पताल पहुंच मार्ग का शीघ्र निर्माण कराया जाए।
- सिविल सर्जन को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए।
सीएमएचओ ने दिया सुधार का भरोसा
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यू.एल. कौशिक ने बताया कि कांग्रेस द्वारा डॉक्टरों की कमी, दवाइयों की उपलब्धता एवं अन्य व्यवस्थाओं को लेकर ज्ञापन सौंपा गया है। विभाग इन मांगों पर जल्द कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए बातचीत चल रही है तथा अस्पताल की व्यवस्थाओं की समीक्षा कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रस्ताव उच्च स्तर पर भेजा जाएगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अस्पताल में आवश्यक दवाइयां उपलब्ध हैं तथा मरीजों को निजी अस्पतालों में भेजने के लिए किसी प्रकार का दबाव नहीं बनाया जाता। पोस्टमार्टम निर्धारित समय के अनुसार ही किए जाते हैं।
फिलहाल कांग्रेस ने 15 दिन का समय दिया है। अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस अवधि में अस्पताल की व्यवस्थाओं में कितना सुधार कर पाता है।
