देश में जारी सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के बीच पीएम मोदी ने बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. हमारे युवाओं की भलाई और उनके भविष्य से ज़्यादा जरूरी कुछ भी नहीं है. पीएम मोदी ने गुरुवार (23 जुलाई) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, “हमने पेपर लीक में शामिल लोगों को जल्द और कड़ी सज़ा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का फ़ैसला किया है.” पीएम मोदी ने आगे कहा कि इस मामले को लेकर संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं.
पीएम मोदी ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी हाल में पेपर लीक के दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि यह छात्रों के हितों की रक्षा के लिए उठाए जा रहे हमारे कदमों की कड़ी का ही एक हिस्सा है. पीएम मोदी ने कहा कि जो लोग भी हमारे युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे, उन्हें बिल्कुल बख्शा नहीं जाएगा.
बता दें कि इससे पहले एनडीए संसदीय दल की बैठक में भी पीएम मोदी ने पेपर लीक को घोर पाप करार देते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए. उन्होंने ये भी साफ किया कि इस तरह की घटनाओं को रोकना केवल केंद्र सरकार की नहीं, बल्कि सभी राज्यों की भी साझा जिम्मेदारी है.

क्या बोले किरेन रिजिजू
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि प्रधानमंत्री ने कहा है कि सरकार पहले ही ऐसे मामलों में सख्त कदम उठा चुकी है और आगे भी दोषियों को किसी भी सूरत में छोड़ा नहीं जाएगा. उनका कहना था कि युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है.पीएम मोदी ने इस मुद्दे को राजनीति से ऊपर बताते हुए सभी राज्य सरकारों से सहयोग की अपील की है.
उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर काम करना होगा. अगर सभी एजेंसियां और सरकारें समन्वय के साथ काम करेंगी तो भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर लगाई जा सकेगी.
