आज के समय में AI चटबॉट्स का इस्तेमाल पढ़ाई, ऑफिस के काम, कंटेंट लिखने से लेकर जानकारी हासिल करने तक तेजी से बढ़ रहा है. ChatGPT, Google Gemini और Claude जैसे AI टूल्स से अगर आप बिल्कुल एक जैसा सवाल पूछें तो कई बार तीनों के जवाब अलग-अलग दिखाई देते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि जब सवाल एक ही था तो जवाब अलग क्यों आया? इसकी वजह सिर्फ AI का मूड नहीं बल्कि इसके पीछे कई टेक्निकल कारण भी होते हैं.
आपको बता दें कि ChatGPT, Gemini और Claude अलग-अलग कंपनियों द्वारा बनाए गए AI मॉडल हैं. इन्हें अलग-अलग डेटा, तरीकों और ट्रेनिंग प्रोसेस से तैयार किया गया है. किसी मॉडल को लैंग्वेज समझने और जवाब बनाने के लिए जिस तरह का डेटा और फाइन-ट्यूनिंग दी गई है, उसका असर उसके जवाब पर पड़ता है. यानी एक ही सवाल को समझने के बाद भी अलग-अलग मॉडल उसके संदर्भ और शब्दों की व्याख्या अलग तरीके से कर सकते हैं. यही वजह है कि किसी सवाल पर एक मॉडल छोटा जवाब देता है जबकि दूसरा उसी चीज को विस्तार से समझा सकता है.

हर मॉडल का जवाब बनाने का तरीका अलग
AI चैटबॉट किसी इंसान की तरह सवाल पढ़कर इंटरनेट पर सीधे एक तैयार जवाब नहीं खोजते हैं. वे आपके सवाल के आधार पर सही शब्दों को चुनकर आपके लिए जवाब को तैयार करते हैं. इस प्रोसेस में मॉडल यह तय करता है कि अगला शब्द या वाक्य क्या होना चाहिए. अलग-अलग मॉडल के पास अलग आर्किटेक्चर, पैरामीटर और टेक्नोलॉजी होती है. इसलिए एक ही इनपुट मिलने पर उनका आउटपुट एक जैसा होना जरूरी नहीं है.
इंटरनेट और लेटेस्ट जानकारी भी बड़ा कारण
अगर सवाल किसी लेटेस्ट घटना, नए स्मार्टफोन, मौसम, शेयर बाजार या हालिया खबर से जुड़ा है तो AI टूल की जानकारी हासिल करने की क्षमता भी जवाब को बदल सकती है.
कुछ AI सिस्टम जरूरत पड़ने पर वेब से ताजा जानकारी हासिल कर सकते हैं जबकि किसी कंडिशन में मॉडल अपने नॉलेज पर निर्भर कर सकता है. ऐसे में एक ही सवाल के जवाब में अलग-अलग फैक्ट, उदाहरण या तारीखें दिखाई दे सकती हैं. इसलिए लेटेस्ट जानकारी वाले सवालों में सोर्स और तारीख को चेक करना जरूरी होता है.

AI की सेटिंग भी बदल सकती है जवाब
AI मॉडल के जवाब पर उसकी इंटरनल सेटिंग्स का भी असर पड़ता है. जैसे मॉडल में randomness या temperature जैसी सेटिंग जवाब को ज्यादा निश्चित बना सकती है. इसी कारण कभी-कभी एक ही AI से भी एक ही सवाल दो बार पूछने पर शब्दों और उदाहरणों में थोड़ा अंतर दिखाई दे सकता है. हालांकि नॉर्मल फैक्चुअल सवालों में जानकारी समान रहनी चाहिए.
