फोन से कैसे बदल जाता है झालर का रंग?
स्मार्ट दिवाली लाइट्स दिखने में भले ही आम एलईडी झालर जैसी लगती हैं. लेकिन इनके अंदर ब्लूटूथ या वाई-फाई चिप लगी होती है. जब आप इन लाइट्स को खरीदते हैं. तो इसके बॉक्स या कंट्रोलर पर एक क्यूआर कोड दिया होता है. इसे स्कैन करके आपको अपने फोन में एक मोबाइल ऐप डाउनलोड करना होता है. जैसे ही आपकी झालर फोन के ब्लूटूथ या घर के वाई-फाई से कनेक्ट होती है.
आपका स्मार्टफोन ही उस लाइट का रिमोट बन जाता है. ऐप के अंदर आपको एक कलर व्हील मिलता है,. जिसमें लाखों कलर्स के शेड्स मौजूद होते हैं. आपका जब मन करे आप एक ही झालर को कभी पीला, कभी नीला तो कभी मल्टीकलर में बदल सकते हैं. पहले जहां अलग-अलग रंग के लिए अलग झालर खरीदनी पड़ती थी. वहीं अब एक ही स्मार्ट लाइट से आप हर रोज अपने घर को नया लुक दे सकते हैं. इसके अलावा ऐप से ही लाइट की ब्राइटनेस को कम या ज्यादा भी किया जा सकता है.

फोन से कैसे बदल जाता है झालर का रंग?
स्मार्ट दिवाली लाइट्स दिखने में भले ही आम एलईडी झालर जैसी लगती हैं. लेकिन इनके अंदर ब्लूटूथ या वाई-फाई चिप लगी होती है. जब आप इन लाइट्स को खरीदते हैं. तो इसके बॉक्स या कंट्रोलर पर एक क्यूआर कोड दिया होता है. इसे स्कैन करके आपको अपने फोन में एक मोबाइल ऐप डाउनलोड करना होता है. जैसे ही आपकी झालर फोन के ब्लूटूथ या घर के वाई-फाई से कनेक्ट होती है.
आपका स्मार्टफोन ही उस लाइट का रिमोट बन जाता है. ऐप के अंदर आपको एक कलर व्हील मिलता है,. जिसमें लाखों कलर्स के शेड्स मौजूद होते हैं. आपका जब मन करे आप एक ही झालर को कभी पीला, कभी नीला तो कभी मल्टीकलर में बदल सकते हैं. पहले जहां अलग-अलग रंग के लिए अलग झालर खरीदनी पड़ती थी. वहीं अब एक ही स्मार्ट लाइट से आप हर रोज अपने घर को नया लुक दे सकते हैं. इसके अलावा ऐप से ही लाइट की ब्राइटनेस को कम या ज्यादा भी किया जा सकता है.
गाने की बीट पर नाचेंगी लाइट्स
इन स्मार्ट लाइट्स में सिर्फ रंग बदलने का ही नहीं बल्कि म्यूजिक सिंक और वॉयस कंट्रोल जैसे कमाल के फीचर्स भी मिलते हैं. इन लाइट्स के कंट्रोलर में एक छोटा सा इन-बिल्ट माइक होता है या फिर ये सीधे आपके फोन के माइक का इस्तेमाल करती हैं. दिवाली पार्टी के दौरान जब आप घर में कोई गाना या म्यूजिक बजाएंगे, तो ये झालरें अपने आप गाने की बीट और धुन के हिसाब से ब्लिंक करेंगी और रंग बदलेंगी.
इससे घर का माहौल एकदम पार्टी जैसा हो जाता है. अगर आपके घर में अलेक्सा या गूगल असिस्टेंट स्पीकर है तो आप इन लाइट्स को उससे भी लिंक कर सकते हैं. इसके बाद आपको फोन उठाने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी. आप बस अपनी आवाज से कमांड देंगे कि बालकनी की लाइट ऑन कर दो या लाइट का रंग लाल कर दो और चंद सेकंड में आपकी झालर का रंग बदल जाएगा.

ऑटोमैटिक टाइमर करें सेट
अक्सर रात को देर से सोने के चक्कर में हम बाहर की झालर बंद करना भूल जाते हैं. जिससे सुबह तक फालतू बिजली खर्च होती रहती है. स्मार्ट लाइट्स के ऐप में आपको शेड्यूल और टाइमर लगाने का ऑप्शन भी मिलता है. आप इसमें शाम 6 बजे ऑन होने और रात 12 बजे अपने आप ऑफ होने का टाइम सेट कर सकते हैं. इसके बाद लाइट्स रोज तय समय पर खुद ही जलेंगी और बंद हो जाएंगी.
पुरानी झालरों के लिए नया जुगाड़
वहीं अगर आपके पास पहले से ही बहुत सारी नार्मल झालरें रखी हैं और आप नई स्मार्ट लाइट्स पर ज्यादा पैसा खर्च नहीं करना चाहते. तो आप सिर्फ एक स्मार्ट प्लग खरीद सकते हैं. यह स्मार्ट प्लग 500 से 700 रुपये में ऑनलाइन और ऑफलाइन मार्केट में आसानी से मिल जाता है. अपनी पुरानी सभी झालरों का कनेक्शन इस एक स्मार्ट प्लग में लगा दें जिसके बाद आप नार्मल लाइट्स को भी मोबाइल ऐप से ऑन-ऑफ और टाइमर पर सेट कर पाएंगे.
