धमतरी/ 5 अगस्त। सड़क सुरक्षा और नाबालिग वाहन चालकों पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से धमतरी पुलिस द्वारा लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय के निर्देश पर डीएसपी भानूप्रताप चंद्राकर एवं यातायात प्रभारी उपनिरीक्षक खेमराज साहू ने कोतवाली परिसर स्थित संवेदना कक्ष में नाबालिग बच्चों के पालकों की बैठक लेकर उन्हें जागरूक किया।
बैठक में पालकों को स्पष्ट रूप से समझाइश दी गई कि वे किसी भी परिस्थिति में अपने नाबालिग बच्चों को मोटरसाइकिल या अन्य दोपहिया वाहन चलाने की अनुमति न दें। अधिकारियों ने बताया कि नाबालिगों द्वारा वाहन चलाना न केवल उनकी सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि इससे गंभीर सड़क दुर्घटनाएं और कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
कार्यक्रम के दौरान पालकों से अभिभावक घोषणा पत्र (वचन पत्र) भी भरवाया गया, जिसमें उन्होंने अपने नाबालिग बच्चों को वाहन नहीं चलाने देने तथा उन्हें यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक रखने का संकल्प लिया।

धमतरी पुलिस ने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को वाहन की चाबी सौंपने से पहले उनकी उम्र और वैध ड्राइविंग लाइसेंस की अनिवार्यता का ध्यान रखें। पुलिस ने कहा कि एक छोटी सी लापरवाही बच्चे सहित अन्य लोगों की जान को भी खतरे में डाल सकती है।
धमतरी पुलिस ने अपने संदेश में कहा कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस की नहीं, बल्कि हर अभिभावक की भी जिम्मेदारी है। यदि सभी पालक इस दिशा में सजग रहें, तो नाबालिगों से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
धमतरी पुलिस की अपील: “नाबालिग को वाहन नहीं, सुरक्षित भविष्य दें।”
