धमतरी/ 5 अगस्त धमतरी पुलिस की प्रभावी विवेचना एवं अभियोजन पक्ष की मजबूत पैरवी के चलते POCSO एक्ट के एक महत्वपूर्ण प्रकरण में आरोपी को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह कार्रवाई बाल अपराधों के प्रति धमतरी पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति का उदाहरण मानी जा रही है।
थाना सिटी कोतवाली धमतरी के अपराध क्रमांक 311/2025 में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65(2), 351(2) तथा POCSO एक्ट की धारा 6 के तहत दर्ज मामले में न्यायालय ने आरोपी सुनील उर्फ चोवाराम उर्फ सुमीत डहरे (37 वर्ष), निवासी दानीटोला, धमतरी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास एवं 5,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
प्रकरण की विवेचना उप निरीक्षक सरिता मानिकपुरी द्वारा की गई। उन्होंने साक्ष्यों का प्रभावी संकलन, आवश्यक वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन तथा मजबूत विवेचना प्रस्तुत की, जिसके आधार पर अभियोजन पक्ष न्यायालय में आरोप सिद्ध कराने में सफल रहा और पीड़िता को न्याय मिला।

धमतरी पुलिस के अनुसार, नाबालिगों के विरुद्ध होने वाले अपराधों में त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण विवेचना के साथ-साथ प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जा रही है, ताकि दोषियों को कठोर दंड मिल सके और पीड़ितों को समय पर न्याय प्राप्त हो।
उत्कृष्ट विवेचना एवं सराहनीय कार्य के लिए पुलिस अधीक्षक धमतरी श्रीमती भावना पांडेय ने उप निरीक्षक सरिता मानिकपुरी को सेवा पुस्तिका में पुरस्कार दर्ज कर सम्मानित करने की घोषणा की है।
धमतरी पुलिस का संदेश: बाल अपराधों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई, पीड़ितों को न्याय दिलाना तथा दोषियों को कठोर दंड दिलाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
