धमतरी/ धमतरी पुलिस ने नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने की बढ़ती घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए विशेष अभियान शुरू किया है। पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना पांडेय के निर्देशन में यातायात पुलिस नाबालिग वाहन चालकों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। अभियान के तहत वाहन चलाते पाए गए नाबालिगों के अभिभावकों को यातायात कार्यालय बुलाकर समझाइश दी जा रही है तथा उनका नाम-पता दर्ज किया जा रहा है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पहली बार अभिभावकों को चेतावनी देकर छोड़ा जाएगा, लेकिन यदि वही नाबालिग दोबारा वाहन चलाते हुए पकड़ा गया तो मोटर वाहन अधिनियम की धारा 199A के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
धमतरी पुलिस के अनुसार, नाबालिग को वाहन चलाने की अनुमति देना दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में 25,000 रुपये तक का जुर्माना, तीन वर्ष तक की सजा और नाबालिग के 18 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद भी निर्धारित अवधि तक ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने पर रोक लगाई जा सकती है।

इधर, ट्रैफिक डीएसपी सुश्री मोनिका मरावी एवं ट्रैफिक प्रभारी उप निरीक्षक खेमराज साहू की टीम जिले के विभिन्न स्कूलों में जागरूकता अभियान चला रही है। प्राचार्यों की मौजूदगी में विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों का पालन करने और ड्राइविंग लाइसेंस बनने से पहले वाहन नहीं चलाने की सलाह दी जा रही है।
10 हजार से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचा अभियान
धमतरी पुलिस के अनुसार, 1 जनवरी 2026 से 28 जुलाई 2026 तक जिले के 36 स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनसे 10,301 छात्र-छात्राएं लाभान्वित हुए। इन कार्यक्रमों में सड़क सुरक्षा के साथ-साथ साइबर सुरक्षा, नशामुक्ति और सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों पर भी जानकारी दी गई।
पुलिस की अपील
धमतरी पुलिस ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को वैध ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त होने से पहले किसी भी प्रकार का मोटर वाहन चलाने की अनुमति न दें। पुलिस का कहना है कि यह अभियान सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, नाबालिगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जिम्मेदार यातायात व्यवस्था स्थापित करने के उद्देश्य से लगातार जारी रहेगा।
