Satellite Internet Vs Fiber Broadband : आज के डिजिटल दौर में घर से काम करना हो, ऑनलाइन पढ़ाई करनी हो, वीडियो कॉल करनी हो या फिर OTT पर बिना रुकावट फिल्में देखनी हों, हर काम के लिए तेज और भरोसेमंद इंटरनेट चाहिए. ऐसे में जब इंटरनेट कनेक्शन लेने की बात आती है तो सबसे ज्यादा चर्चा दो तकनीकों की होती है. ये दो तकनीक Satellite Internet और Fiber Broadband है. इन दोनों का काम तेज इंटरनेट देना है, लेकिन इनके काम करने का तरीका, स्पीड और यूज एक-दूसरे से काफी अलग है. ऐसे में आइए आज जानते हैं कि Satellite Internet से Fiber Broadband कितना अलग है.
फाइबर ब्रॉडबैंड क्या होता है?
फाइबर ब्रॉडबैंड ऑप्टिकल फाइबर केबल के जरिए इंटरनेट उपलब्ध कराता है. ये केबल पतले ग्लास या प्लास्टिक फाइबर से बनी होती हैं, जिनमें डेटा लाइट के रूप में ट्रांसफर होता है. इसी वजह से डेटा बहुत तेज और बिना रुकावट के पहुंचता है. फाइबर ब्रॉडबैंड आमतौर पर 100 Mbps से लेकर 1 Gbps या उससे ज्यादा स्पीड देने में सक्षम होता है. भारत के शहरों और कस्बों में JioFiber, Airtel Xstream और BSNL जैसी कंपनियां फाइबर ब्रॉडबैंड की सुविधा देती हैं.
Satellite Internet से Fiber Broadband कितना अलग है?
सैटेलाइट इंटरनेट जमीन पर बिछी केबल की जगह अंतरिक्ष में मौजूद सैटेलाइट के जरिए काम करता है. इसमें आपके घर पर लगी डिश एंटीना सिग्नल को सैटेलाइट तक भेजती है और वहीं से इंटरनेट वापस आपके घर तक पहुंचता है. जहां केबल बिछाना मुश्किल होता है, जैसे पहाड़ी या दूरदराज के इलाके, वहां यह तकनीक ज्यादा यूजफूल मानी जाती है. भारत में कुछ कंपनियां सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू करने की तैयारी कर रही हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर Starlink जैसी कंपनियां पहले से यह सुविधा दे रही हैं.

फाइबर ब्रॉडबैंड कैसे काम करता है?
फाइबर ब्रॉडबैंड में ऑप्टिकल फाइबर केबल के जरिए डेटा भेजा जाता है. डेटा लाइट की स्पीड से ट्रांसफर होता है, इसलिए इंटरनेट की स्पीड तेज और कनेक्शन काफी स्थिर रहता है. यही वजह है कि यह तकनीक हाई-स्पीड इंटरनेट के लिए सबसे भरोसेमंद मानी जाती है.
सैटेलाइट इंटरनेट कैसे काम करता है?
सैटेलाइट इंटरनेट में घर पर लगी डिश एंटीना सिग्नल को सीधे अंतरिक्ष में मौजूद सैटेलाइट तक भेजती है. इसके बाद सैटेलाइट इंटरनेट सिग्नल वापस यूजर तक पहुंचाता है. इस पूरी प्रक्रिया में डेटा को अंतरिक्ष तक जाकर वापस आना पड़ता है.
स्पीड में कौन आगे है?
फाइबर ब्रॉडबैंड सैटेलाइट इंटरनेट से आगे माना जाता है. फाइबर इंटरनेट 100 Mbps से लेकर 1 Gbps या उससे ज्यादा स्पीड देने में सक्षम है. वहीं सैटेलाइट इंटरनेट की डाउनलोड स्पीड आमतौर पर 25 Mbps से 150 Mbps तक रहती है और अपलोड स्पीड इससे भी कम हो सकती है. इसके अलावा फाइबर ब्रॉडबैंड में लेटेंसी काफी कम होती है, इसलिए ऑनलाइन गेमिंग, वीडियो कॉलिंग और लाइव स्ट्रीमिंग जैसे काम बेहतर तरीके से हो जाते हैं. वहीं सैटेलाइट इंटरनेट में सिग्नल को अंतरिक्ष तक जाकर वापस आना पड़ता है, इसलिए इसकी लेटेंसी ज्यादा हो सकती है.
