इन दिनों बिजली के स्मार्ट मीटरों पर संग्राम मचा हुआ है. दरअसल प्रदेश सरकार पूरे प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने का अभियान चला रही है, लेकिन ये स्मार्ट मीटर अब आम लोगों को जोर का झटका दे रहे हैं. दरअसल स्मार्ट मीटर लगते ही बिजली उपभोक्ताओं का बिल तीन से चार गुना तक बढ़ गए हैं. इसको लेकर अब आम लोग सड़कों पर उतर आए हैं.
सरकारें योजनाएं लागू करती हैं कि इन योजनाओं से प्रदेश की जनता को सहूलियत होगी, लेकिन ज्यादातर योजनाएं आम जनता के लिए मुसीबत ज्यादा बन जाती है. कुछ यही हाल छत्तीसगढ़ में स्मार्ट विद्युत मीटर योजना का हो रहा है. योजना लागू करते समय कहा तो यह गया था कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद ना तो गलत रीडिंग की दिक्कत आएगी, और ना ही जरूर से ज्यादा बिजली का बिल भरना पड़ेगा.
इतना ही नहीं उपभोक्ता यूपीआई के जरिए भी अपना बिल पेमेंट कर सकेंगे, लेकिन जब यह स्मार्ट मीटर लोगों के घरों में लगाए गए तो अचानक से बिजली के बिल चार-चार गुना तक बढ़ गए. जिसके चलते अब लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है. कवर्धा जिले में स्मार्ट मीटर से परेशान उपभोक्ताओं ने अपने अपने स्मार्ट मीटर उखाड़ कर बिजली दफ्तर के सामने फेंक दिए. अब जनता फिर से पुराने मीटर लगाने की मांग कर रही है.
एक परिवार का आया 9 लाख का बिल
कुछ यही हाल राजधानी रायपुर का भी है. यहां भी लोगों के घर अचानक से लाखों के बिजली बिल लोगों को परेशान कर रहे हैं. रायपुर के चित्रा पटेल के घर स्मार्ट मीटर लगते ही 9 लाख रुपये का बिजली बिल आ गया. इतना बड़ा बिल देख कर पूरा परिवार परेशान हो गया. बिजली विभाग में शिकायत की गई ,लेकिन अभी तक उनकी शिकायत का निराकरण नहीं हो सका है. 4-4 गुना बढ़े हुए बिजली के बिल से परेशान जनता अब रायपुर में भी अपने-अपने मुहल्लों में स्मार्ट बिजली बिल उखाड़कर बिजली ऑफिस के बारह फेंकने की बात कह रहे हैं.

वही राजनांदगांव के किसान लखनलाल के मुताबिक स्मार्ट मीटर लगने के बाद से बिजली के बिल अचानक से 4 गुना तक बढ़े हुए आ रहे हैं . लखनलाल ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि अपने मित्र अडानी को फायदा पहुंचाने के लिए सरकार आम लोगों पर बोझ बढ़ाती जा रही है.
कांग्रेस लगातार चला रही अभियान
अब इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस भी जनता के साथ सड़कों पर उतर आई है. कांग्रेस स्मार्ट मीटर हटाने को लेकर पूरे प्रदेश में अभियान चला रही है. कांग्रेस नेता धनंजय सिंह के मुताबिक सरकार आम आदमी पर महंगाई का बोझ लगातार बढ़ा रही है. पूरे प्रदेश में लोग लंबे लंबे बिजली बिल से परेशान है. ऊर्जा विभाग खुद मुख्यमंत्री के पास है, लेकिन सरकार की नींद नही टूट रही. वहीं इस मामले पर बीजेपी नेता प्रदेश की जनता को भड़काने का आरोप कांग्रेस पर लगा रहे हैं. बीजेपी नेता गौरीशंकर श्रीवास के मुताबिक कुछ जगह पर गलती हुई है लेकिन सभी स्मार्ट मीटर खराब है ऐसा नही है. दरअसल कांग्रेस प्रदेश की जनता को भड़काने का काम कर रही है.
पहले ही कमरतोड़ महंगाई की मार झेल रही छत्तीसगढ़ की जनता के लिए बिजली के स्मार्ट मीटर एक और नई मुसीबत बनकर सामने आया है. देश के दूसरे राज्यों को बिजली मुहैया कराने वाले छत्तीसगढ़ की जनता को ही महंगी बिजली खरीदने को मजबूर है, लेकिन सरकार इस बार भी जवाबदेशी से बचती नजर आ रही है.
