रायपुर के नकटी (सम्मानपुर) गांव में हाल ही में हुई विस्थापन और बुलडोजर कार्रवाई के बाद प्रभावित परिवार लगातार मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। बारिश के बीच खुले आसमान के नीचे रह रहे ग्रामीण अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे हैं। इसी बीच नगरी-सिहावा क्षेत्र के समाजसेवियों ने गांव पहुंचकर राहत सामग्री वितरित कर प्रभावित परिवारों की मदद की।
समाजसेवी सन्नी छाजेड़, प्रिंस जैन, अनिल वाधवानी, तीर्थराज साहू, शिवा प्रधान, सोनु यादव, खेमराज साहू, सत्यम भट और विजय कुंजाम ने प्रभावित परिवारों को सूखा राशन उपलब्ध कराया। राहत सामग्री में चावल, दाल, आटा, तेल, मसाले, सब्जियां सहित अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री शामिल रही। बिजली व्यवस्था नहीं होने के कारण ग्रामीणों को बैटरी और बल्ब भी वितरित किए गए।
गौरतलब है कि राजधानी रायपुर के समीप स्थित नकटी गांव में प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण बताते हुए करीब 85 से अधिक मकानों पर बुलडोजर कार्रवाई की थी। इसके बाद सैकड़ों लोग बेघर हो गए। बारिश के मौसम में प्रभावित परिवारों को रहने और दैनिक जरूरतों की वस्तुओं के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

समाजसेवियों ने प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और हरसंभव सामाजिक एवं कानूनी सहयोग का भरोसा दिलाया।
वहीं, 14 जुलाई से ग्रामीणों के साथ अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठीं पार्वती साहू ने बताया कि अब तक केवल आश्वासन ही मिला है, लेकिन उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अपने अधिकारों की लड़ाई जारी रखेंगे। बारिश के बीच तिरपाल (तालपत्री) के सहारे लोग धरने पर डटे हुए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, कार्रवाई से प्रभावित करीब 85 परिवारों के लगभग 390 सदस्य वर्तमान में जहां जगह मिल रही है, वहीं अस्थायी रूप से रहकर जीवनयापन करने को मजबूर हैं।
