धमतरी/ नई दिल्ली में विभिन्न मांगों को लेकर अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में धमतरी के सामाजिक कार्यकर्ता मितेश जैन ने गांधी मैदान में एक दिवसीय सांकेतिक अनशन किया। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चले इस अनशन में शहर के कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने पहुंचकर अपना समर्थन जताया।
मितेश जैन ने कहा कि “इतिहास गवाह है कि विचारों को कभी गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। सच को जितना दबाने की कोशिश होगी, वह उतनी ही मजबूती से लोगों तक पहुंचेगा।” उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक की आवाज को दबाने का प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर सभी तथ्य सार्वजनिक किए जाने चाहिए।
उन्होंने मांग की कि हर नागरिक के संवैधानिक अधिकारों का सम्मान किया जाए, पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी जाए तथा विकास के नाम पर प्रकृति का विनाश न किया जाए। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और न्याय के बढ़ते व्यापारीकरण पर रोक लगाने की भी मांग की।

मितेश जैन ने कहा कि आज देशभर में उठ रही आवाज केवल सोनम वांगचुक की नहीं, बल्कि हर उस नागरिक की है जो सच बोलने का साहस रखता है। यदि शांतिपूर्ण विरोध करने वालों की आवाज को बलपूर्वक दबाया जाएगा, तो यह लोकतंत्र के लिए गंभीर चेतावनी होगी। लोकतंत्र में संवाद होना चाहिए, दमन नहीं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने अनशन समाप्त कराने के लिए बातचीत का रास्ता अपनाने के बजाय बल प्रयोग का सहारा लिया, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत है।
इस दौरान जीआर बंजारे, विक्की छाबड़ा, बजरंग गोयल, योगेश रायचूरा, घनाराम सोनी, प्रदीप जैन, रौनक अग्रवाल, कैलाश कुकरेजा, आकाश कटारिया, अमित बाघमारिया, अभिषेक ठाकुर, अभिषेक खंडेलवाल, विकास जैन, संजू साहू, कन्हैया सोनी, मनीष गोठी, मोहन ध्रुव, नवीन गजेंद्र, योगेश शर्मा, संजय शर्मा, लवलेश यादव सहित अनेक लोगों ने अनशन स्थल पहुंचकर अपना समर्थन दिया।
