हर दिन की शुरुआत हो या रात को सोने से पहले का समय, मोबाइल फोन चार्ज करना अब हमारी डेली की आदत बन चुका है. ऐसे में फोन यूज के साथ उसको चार्ज करना भी काफी जरूरी होता है. कई लोग दिन में एक बार तो कई लोग दो बार फोन चार्ज करते हैं, लेकिन शायद ही कभी यह सोचते हों कि इस चार्जिंग में आखिर कितनी बिजली खर्च होती है. क्या रोज फोन चार्ज करने से बिजली का बिल काफी बढ़ जाता है या इसका खर्च बहुत कम होता है. अगर आपके मन में भी ऐसे सवाल आते हैं, तो आइए आज हम आपको बताते हैं कि मोबाइल चार्ज करने पर कितने यूनिट बिजली खर्च होती है और एक घंटे का हिसाब-किताब क्या होता है.
मोबाइल चार्ज करने पर कितने यूनिट बिजली खर्च होती है?
मोबाइल चार्ज करने में होने वाली बिजली की खपत हर फोन में एक जैसी नहीं होती है. यह इस बात पर निर्भर करती है कि फोन की बैटरी कितनी बड़ी है, आप कौन सा चार्जर इस्तेमाल कर रहे हैं और फोन को कितनी देर तक चार्ज किया जाता है. हालांकि सामान्य तौर पर देखा जाए तो ज्यादातर लोग रोज करीब एक बार पूरा फोन चार्ज करते हैं. औसतन एक महीने में फोन चार्ज करने पर लगभग 0.15 kWh (यूनिट) बिजली खर्च होती है. वहीं बड़ी बैटरी वाले कुछ फोन में यह खपत थोड़ा ज्यादा होकर करीब 0.115 kWh तक पहुंच सकती है.

एक घंटे चार्ज करने पर कितना खर्च होता है?
अगर 5 वॉट के चार्जर की बात करें, तो यह एक घंटे में लगभग 0.005 kWh बिजली की खपत करता है. अगर फोन को पूरी तरह चार्ज होने में करीब 3 घंटे लगते हैं, तो इस दौरान लगभग 0.015 kWh बिजली खर्च होती है. एक बार फोन पूरी तरह चार्ज करने में बहुत कम बिजली यूज होती है.
पूरे साल में कितनी यूनिट बिजली खर्च होती है?
अगर कोई व्यक्ति रोज एक बार फोन चार्ज करता है, तो 5 वॉट के सामान्य चार्जर के हिसाब से पूरे साल में करीब 1.83 kWh बिजली खर्च होती है. वहीं 10 वॉट चार्जर में यह खपत 3.65 kWh, 15 वॉट चार्जर में 5.48 kWh और 20 वॉट फास्ट चार्जर में लगभग 7.30 kWh तक पहुंच सकती है.
बिजली के बिल पर कितना असर पड़ता है?
फोन चार्ज करने का खर्च आपके राज्य में बिजली की प्रति यूनिट कीमत पर निर्भर करता है. अगर एक यूनिट बिजली की कीमत 8 रुपये मानी जाए और आपका फोन पूरे साल में करीब 5 यूनिट बिजली खर्च करता है, तो साल भर में फोन चार्ज करने का कुल खर्च लगभग 40 रुपये होगा. महीने का खर्च करीब 3 से 3.5 रुपये ही हो सकता है इसी तरह अगर प्रति यूनिट बिजली की कीमत 6 रुपये हो, तो पूरे साल में करीब 30 रुपये का खर्च आएगा.
