Huawei और Qualcomm के बीच एक बड़ा multi-year patent licensing agreement हुआ है. यह समझौता 5G तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें computing, Artificial Intelligence (AI) और networking जैसी टेक्नोलॉजी भी शामिल हैं, हालांकि इस डील को पूरा करने के लिए जरूरी रेग्युलेटरी अप्रूवल मिलने बाकी हैं. Huawei और Qualcomm ने एक-दूसरे के patent portfolios को cross-license करने पर सहमति जताई है.
ऐसे में दोनों कंपनियां समझौते में शामिल टेक्नोलॉजी से जुड़े अपने पेटेंट को एक-दूसरे के लिए लाइसेंस करेंगी. इसके अलावा Qualcomm अमेरिका में registered Huawei के कुछ patents भी खरीदेगा. अभी दोनों कंपनियों ने यह जानकारी नहीं दी है कि इस डील में कौन-कौन से specific patents शामिल हैं और इसके लिए कितनी रकम तय हुई है. ऐसे में आइए जानते हैं कि इस पेटेंट डील से टेक्नोलॉजी की दुनिया में क्या बदलेगा.

इस पेटेंट डील से टेक्नोलॉजी की दुनिया में क्या बदलेगा?
यह partnership कई जरूरी technology areas को कवर करती है. इसमें 5G, computing, AI और networking शामिल हैं. इन दोनों कंपनियों का कहना है कि यह डील Standard-Setting Organisations (SSOs) के FRAND नियमों के तहत की गई है. FRAND का मतलब है कि पेटेंट लाइसेंसिंग की शर्तें सभी के लिए सही और बिना किसी भेदभाव के होनी चाहिए.
4G और 5G टेक्नोलॉजी में Huawei का काम
Huawei के Chief Intellectual Property Officer Alan Fan ने बताया कि कंपनी लंबे समय से रिसर्च और नई टेक्नोलॉजी विकसित करने पर काम कर रही है. इस दौरान Huawei ने mobile communications के साथ-साथ कई दूसरे technology areas में भी योगदान दिया है. कंपनी ने 4G और 5G standards में अपने काम का खास तौर पर जिक्र किया. इसमें polar-code-based signal transmission technology भी शामिल है. यह Forward Error Correction (FEC) की एक तकनीक है, जो हवा या केबल के जरिए digital data भेजते समय होने वाली errors को ठीक करने में मदद करती है.
Qualcomm ने भी बताई अपनी टेक्नोलॉजी की ताकत
Qualcomm ने बताया कि कंपनी ने wireless technology को विकसित करने में लंबे समय से निवेश किया है. कंपनी के अनुसार, इन तकनीकों ने mobile communication की अलग-अलग generations को आगे बढ़ाने में मदद की है.

Qualcomm Technology Licensing के Executive Vice President और General Manager John Han ने कहा कि यह समझौता 5G और दूसरे technology areas में Huawei की लगातार इन्वेंशन्स और उसके patents की अहमियत को भी दिखाता है.
मंजूरी मिलने के बाद आगे बढ़ेगी डील
Huawei और Qualcomm के बीच यह समझौता अभी जरूरी रेग्युलेटरी अप्रूवल पर निर्भर है. दोनों कंपनियों ने कहा है कि सभी जरूरी मंजूरियां मिलने के बाद ही यह transaction पूरा किया जाएगा. फिलहाल patent licensing और Huawei के कुछ US patents की खरीद से जुड़ी प्रक्रिया पूरी होना बाकी है.
