छत्तीसगढ़ के 570 करोड़ रुपए के कथित कोल लेवी घोटाले में EOW आज (5 अक्टूबर) स्पेशल कोर्ट में अंतिम चार्जशीट पेश करेगी. मामले में 9 आरोपियों को 5 अक्टूबर कोर्ट में पेश होने के लिए समन जारी किया है . इनमें कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव, पूर्व विधायक चंद्रदेव राय, रामगोपाल अग्रवाल, IAS जयप्रकाश मौर्य और दीपेश टांक समेत 9 लोग शामिल हैं.
EOW का दावा है कि कोल लेवी से नेताओं को 65 करोड़ और अफसरों को 36 करोड़ रुपए से ज्यादा मिले हैं. EOW नें जांच में अब तक 170 करोड़ रुपए की बेनामी संपत्ति जब्त की जा चुकी है. एजेंसी का दावा है कि IAS जयप्रकाश मौर्य ने प्रॉपर्टी, विधायक देवेंद्र यादव ने चुनाव और पूर्व विधायक चंद्रदेव राय ने ज्वेलरी में करोड़ों रुपए खर्च किए.FIR में नामजद आरोपियों के खिलाफ जांच में जुटाए गए सबूतों के आधार पर कोर्ट में अंतिम आरोप पत्र पेश किया जाएगा.
ED की चार्जशीट के मुताबिक, 570 करोड़ रुपए के कोल स्कैम में सबसे ज्यादा फायदा 8 नेताओं और अफसरों को मिला. आरोप है कि नेताओं और अफसरों ने कोल स्कैम के पैसों से प्रॉपर्टी खरीदी, गहने लिए और चुनाव में करोड़ों रुपए खर्च किए.

कोल लेवी घोटाले का मास्टरमाइंड था सूर्यकान्त तिवारी
EOW की चार्जशीट के मुताबिक, कोल स्कैम के मास्टरमाइंड सूर्यकांत तिवारी से सौम्या चौरसिया ने 169 बार में 31 करोड़ रुपए लिए. वहीं, निलंबित IAS रानू साहू ने 13 बार में 5.52 करोड़ रुपए लिए. आरोप है कि कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव को 11 बार में 3 करोड़ रुपए मिले. ‘चार्जशीट के मुताबिक , देवेंद्र यादव ने इन पैसों को खैरागढ़ उपचुनाव और UP चुनाव में खर्च किया है.’
आरोप के मुताबिक , कांग्रेस के पूर्व विधायक चंद्रदेव राय ने सूर्यकांत तिवारी से 2 बार में 46 लाख रुपए लिए. इनमें से 42 लाख रुपए UP चुनाव में खर्च किए गए, जबकि 4 लाख रुपए से रायपुर की एक ज्वेलरी शॉप से पत्नी के लिए 60 ग्राम सोने का हार खरीदा गया.’ ‘वहीं सूर्यकांत तिवारी ने कोल वाशरी और ट्रांसपोर्टर्स से वसूली गई रकम अपने कर्मचारियों के जरिए अफसरों और नेताओं तक पहुंचाई. निखिल चंद्राकर पैसे पहुंचाने में मुख्य भूमिका में रहा. चार्जशीट के मुताबिक, उसने ही अधिकतर लोगों तक पैसे पहुंचाए.

