Mahatma Gandhi Jayanti: हर साल 2 अक्टूबर को भारत महात्मा गांधी की जयंती मनाता है. सत्य, अहिंसा और शांतिपूर्ण प्रतिरोध के उनके दर्शन ने भारत के बाहर भी लोगों को प्रभावित किया है. इस अंतरराष्ट्रीय मान्यता के प्रतिक के रूप में दुनिया भर के कई देशों में गांधी को समर्पित मूर्तियां और स्मारक स्थापित किए गए हैं.
विदेश मंत्रालय और भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के आधिकारिक आंकड़ों से यह पता चलता है कि भारत के बाहर 84 से ज्यादा देशों में महात्मा गांधी की 110 से ज्यादा प्रतिमाएं और स्मारक स्थापित किए गए हैं. कुछ स्वतंत्र रिपोर्ट देशों की संख्या को और भी ज्यादा बताती हैं.
संयुक्त राज्य अमेरिका में गांधी स्मारक
संयुक्त राज्य अमेरिका में कई प्रमुख गांधी प्रतिमाएं हैं जिनमें 8 से ज्यादा प्रमुख स्थापनाएं हैं. जरूरी उदाहरणों में वॉशिंगटन डी सी में भारतीय दूतावास के सामने की मूर्ति, न्यूयॉर्क में यूनियन स्क्वायर पर गांधी की मूर्ति और कैलिफोर्निया के लेक श्राइन में स्मारक शामिल हैं. यहां गांधी जी की कुछ राख रखी गई हैं.
यूनाइटेड किंगडम में गांधी प्रतिमाएं
यूनाइटेड किंगडम में भी कई गांधी स्मारक हैं. सबसे मशहूर मूर्तियों में से एक लंदन के पार्लियामेंट स्क्वायर पर स्थित है. यह संसद भवन के करीब है. दूसरे स्मारक टैविस्टॉक स्क्वायर और लीसेस्टर में स्थित है.
दक्षिण अफ्रीका
दक्षिण अफ्रीका का गांधी जी के साथ खास तौर से जरूरी संबंध है क्योंकि उन्होंने वहां सालों बिताए हैं और उस समय के दौरान अहिंसक प्रतिरोध के बारे में अपने कई विचार विकसित किए हैं.
प्रमुख स्मारकों में जोहान्सबर्ग में गांधी स्क्वायर और पीटरमैरिट्सबर्ग रेलवे स्टेशन पर गांधी से संबंधित स्थल शामिल हैं. यहां दक्षिण अफ्रीका में रहने के दौरान गांधी जी को एक ट्रेन से जबरदस्ती उतार दिया गया था.

पूरे यूरोप में गांधी स्मारक
कई यूरोपिय देशों ने भी गांधी की मूर्तियां स्थापित की हैं. रिपोर्ट के मुताबिक जर्मनी में 11 मूर्तियां हैं, जिनमें ब्रेमेन की एक मशहूर मूर्ति भी शामिल है. इटली में गांधी की मूर्तियां रोम सहित प्रमुख शहरों में स्थित हैं. इसी के साथ स्पेन में मैड्रिड और बर्गोस में स्मारक हैं. स्वीटजरलैंड जिनेवा के एरियाना पार्क में एक मूर्ति का घर है. यह गांधी को एक किताब पढ़ते हुए दिखाया गया है.
रूस और जापान में गांधी प्रतिमाएं
रूस के मॉस्को में महात्मा गांधी की एक बड़ी कांस्य प्रतिमा खड़ी है. जापान में गांधी की मूर्तियां हिरोशिमा और टोक्यो के एडोगावा पार्क में स्थित है. हिरोशिमा स्मारक खास तौर से प्रतीकात्मक महत्व रखता है क्योंकि शहर ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान परमाणु हमले के विनाशकारी प्रभावों का अनुभव किया था. अहिंसा के साथ गांधी का जुड़ाव स्मारक को शांति के विषय के साथ एक और संबंध देता है.
अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में गांधी स्मारक
गांधी की विरासत का प्रतिनिधित्व यूरोप और एशिया के बाहर कई देशों में भी किया जाता है. कनाडा में ओंटारियो और वेंकूवर सहित शहरों में मूर्तियां हैं. इसी के साथ ब्राजील में रियो डी जनेरियो और ब्रासीलिया में स्मारक हैं. अर्जेंटीना में दो स्मारक ब्यूनस आयर्स में स्थित हैं. ऑस्ट्रेलिया में भी गांधी जी की प्रतिमाएं हैं जिनमें से एक कैनबरा के ग्लीबे पार्क में और दूसरी सिडनी में है.

पड़ोसी देशों में स्मारक
गांधी स्मारक भारत के पास के देशों में भी पाए जाते हैं. चीन में बीजिंग के चाओयांग पार्क में एक मूर्ति खड़ी है. श्रीलंका में जाफना और कोलंबो सहित कई जगहों पर गांधी स्मारक हैं. इसी के साथ पाकिस्तान में ऐतिहासिक स्थल भी गांधी के स्मारक से जुड़े हुए हैं. इन देशों के अलावा गांधी की मूर्तियां और स्मारक मॉरीशस, फ्रांस, मिस्र, संयुक्त अरब अमीरात, मेक्सिको और न्यूजीलैंड सहित दूसरे देशों में पाए जा सकते हैं.
गांधी की वैश्विक विरासत
अलग-अलग महाद्वीपों में गांधी स्मारकों की उपस्थिति उनके विचारों की अंतरराष्ट्रीय पहुंच को दर्शाती है. हालांकि इन देशों के ऐतिहासिक और राजनीतिक संदर्भ काफी अलग-अलग हैं, लेकिन अहिंसा और शांतिपूर्ण प्रतिरोध के उनके संदेश को दुनिया के कई हिस्सों में मान्यता मिलती रही है.
