इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सऐप जैसे प्लेटफॉर्म चलाने वाली कंपनी मेटा ने एक करोड़ से अधिक अकाउंट्स डिलिट किए हैं. कंपनी ने बताया कि पिछले साल उसने अपने प्लेटफॉर्म्स से 15.9 करोड़ स्कैम एडवरटाइजमेंट और करीब 1.1 करोड़ स्कैम-रिलेटिड अकाउंट्स हटाए हैं. ऑनलाइन फ्रोड को रोकने के लिए कंपनी ने यह कदम उठाया है. बता दें कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ऑनलाइन स्कैम की घटनाएं बढ़ रही हैं और लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है.
स्कैम पकड़ने के लिए आएंगे नए टूल
अकाउंट्स डिलीट करने की जानकारी देने के साथ-साथ मेटा ने यह भी बताया कि वह फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप पर ऐसे टूल्स लाने वाली है, जो यूजर्स को स्कैम और दूसरी संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी पहले ही दे देंगे. इसके लिए कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का यूज करेगी. नया एआई सिस्टम एक साथ अलग-अलग सिग्नल को एनालाइज कर यूजर को संभावित स्कैम से अलर्ट कर देगा. नए एआई सिस्टम को खास तौर से किसी दूसरे ब्रांड, सेलिब्रिटी या जाने-पहचाने लोगों का नाम यूज कर किए जाने वाले स्कैम और फर्जी वेबसाइट को डिटेक्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है. ये टूल्स ,WATSAPP इंस्टाग्राम, फेसबुक और मैसेंजर पर यूजर्स को स्कैम से बचाने में मदद करेंगे.

WhatsApp अकाउंट प्रोटेक्शन के लिए आएगा यह टूल
मेटा ने बताया कि वह व्हाट्सऐप अकाउंट प्रोटेक्शन के लिए भी नया टूल लाएगी. इसे उन स्कैम को टारगेट करने के लिए लाया जा रहा है, जिनमें साइबर अटैकर यूजर को उनके मैसेजिंग अकाउंट्स को दूसरे डिवाइस से लिंक करवाने की कोशिश करते हैं. यह टूल अवेलेबल होने के बाद ऐप में डिवाइस को लिंक करते समय वार्निंग नजर आएगी, जिसमें डिवाइस की लोकेशन बताई जाएगी. साथ ही यूजर को यह भी याद दिलवाया जाएगा कि गलत डिवाइस से लिंक करने से उनकी पूरी मैसेज हिस्ट्री को कोई दूसरा भी देख सकता है.