केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सीजेपी प्रोटेस्ट के दौरान हुए लाठीचार्ज को लेकर इस समय दिल्ली राजनीतिक अखाड़ा बना हुआ है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी प्रधानमंत्री आवास 7 लोक कल्याण मार्ग के बाहर धरने पर बैठे हैं. उनके साथ प्रियंका गांधी, जयराम रमेश समेत कांग्रेस के कई सांसद मौजूद हैं. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह राहुल गांधी से बात करने पहुंचे उनके साथ गृह सचिव गोविंद मोहन भी मौजूद थे. हालांकि दोनों अब वहां से निकल चुके हैं. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने दावा किया है कि राहुल गांधी रातभर पीएम आवास के बाहर बैठेंगे.
छात्रों पर अत्याचार हो रहे: जयराम रमेश
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा, ‘हमारी एक सीधी-सी मांग है. हमारे विपक्ष के नेताओं ने लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों में यह मांग उठाई है. मांग यह है कि गृह मंत्री संसद में इस पर स्पष्टीकरण दें और सदन में इस मुद्दे पर चर्चा हो. हम चाहते हैं कि वे इस बात पर बयान दें कि किस तरह लोकतंत्र और हमारे संविधान की हत्या की जा रही है और छात्रों पर अत्याचार हो रहे हैं. हम 45 दिनों से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.’

मोदी-शाह को भी देना चाहिए इस्तीफा
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा, ‘धर्मेंद्र प्रधान, Amit SHAH और पीएम मोदी सभी को इस्तीफा दे देना चाहिए. उन्होंने हमारे युवाओं का भविष्य बर्बाद कर दिया है और जब युवाओं ने जवाबदेही की मांग की तो उन पर बेरहमी से हमला किया. जब तक वे सत्ता में हैं, भारत का भविष्य खतरे में है.’ कांग्रेस ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘हम छात्रों के खून का हिसाब मांगने प्रधानमंत्री के घर आए हैं- युवाओं की गुनहगार मोदी सरकार जवाबदेही और संसद में चर्चा से भाग नहीं सकती. देश के युवाओं का भविष्य बर्बाद करने और उनके खिलाफ क्रूरता के लिए Nrendra modi, अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें.’
राहुल गांधी ने की धरने में शामिल होने की अपील
राहुल गांधी ने कहा, ‘छात्रों पर हमला हर भारतीय परिवार पर हमला है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लगता है कि वो बिना जवाब दिए, बिना किसी नतीजे का सामना किए बच निकलेंगे- नहीं कर पाएंगे, इस बार तो बिल्कुल नहीं. मैं हर उस देशभक्त भारतीय से अपील करता हूं जो मानता है कि हमारे छात्रों को न्याय मिलना चाहिए- प्रधानमंत्री आवास के सामने हमारे धरने में शामिल हों. भारत के छात्रों की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.’
