ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच गहराते युद्ध के बाद पूरी दुनिया की नजरें कच्चे तेल की सप्लाई पर टिकी हैं. चूंकि भारत अपनी जरूरत का 85% तेल बाहर से मंगवाता है, इसलिए खाड़ी देशों की हर हलचल हमारी जेब पर असर डालती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में ऐसे कौन से मुल्क हैं जो तेल के बाजार को अपनी उंगलियों पर नचाते हैं? और युद्ध के इस दौर में वो कौन सा देश है, जहां आज भी क्रूड ऑयल सस्ते दामों पर बिक रहा है? आइए, आंकड़ों के जरिए तेल के इस वैश्विक खेल को समझते हैं.
दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक और निर्यातक देश
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के उत्पादन में अमेरिका इस समय नंबर एक पर बना हुआ है. साल 2026 के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका अपनी आधुनिक ‘शेल तकनीक’ के दम पर दुनिया का सबसे बड़ा तेल उत्पादक है. इसके बाद सऊदी अरब और रूस का नंबर आता है. ये तीनों देश मिलकर दुनिया के कुल उत्पादन का एक बड़ा हिस्सा नियंत्रित करते हैं. निर्यात के मामले में सऊदी अरब आज भी दुनिया का बेताज बादशाह है, क्योंकि उसकी अपनी खपत कम है और वह दुनिया के कोने-कोने में कच्चा तेल भेजता है. इसके अलावा इराक, कनाडा, यूएई और कुवैत भी बड़े निर्यातक देशों की सूची में शामिल हैं.

कहां मिलता है सबसे सस्ता पेट्रोल और कच्चा तेल?
दुनिया में सबसे सस्ता पेट्रोल उन देशों में मिलता है, जिनके पास तेल के विशाल भंडार हैं और जहां सरकारें भारी सब्सिडी देती हैं. मार्च 2026 के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, लीबिया दुनिया में सबसे सस्ता पेट्रोल और कच्चा तेल बेचने वाला देश है, जहां इसकी कीमत मात्र 0.024 डॉलर (भारतीय मुद्रा में करीब 2.15 रुपये) प्रति लीटर है. इसके बाद ईरान और वेनेजुएला का नंबर आता है, जहां पेट्रोल की कीमत 2.50 से 3 रुपये प्रति लीटर के आसपास है. कुवैत और अंगोला जैसे देशों में भी पेट्रोल 30 रुपये प्रति लीटर से कम में उपलब्ध है.
