Breaking

साइबर जागृति अभियान: धमतरी पुलिस ने 15 थाना-चौकी क्षेत्रों में 2,400 से अधिक लोगों को किया जागरूक…

कुछ लोगों पर क्यों असर नहीं करता खौलता हुए तेल? ये है वजह…

Farmer Suicides India: किन वजहों से सबसे ज्यादा आत्महत्या करते हैं किसान, किस राज्य में सबसे ज्यादा?

इन कारणों से ढीला हो जाता है Charging Port! न करें अनदेखा…

CM विजय ने स्वास्थ्य बीमा 5 गुना बढ़ाया, विधायकों को भी दिया बड़ा तोहफा…

राष्ट्रपति भवन में गूंजा छत्तीसगढ़ का मांदर, सरईटोला के लोक कलाकारों ने पेश की आदिवासी संस्कृति की अनूठी झलक….

ChatGPT For Teens: ChatGpt ने लॉन्च किया Teen वर्जन, क्या है इसमें खास?

भ्रामक एवं एडिटेड वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार…

चाकू की नोक पर सोने का लॉकेट लूटने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार, धमतरी पुलिस ने किया लूटकांड का त्वरित खुलासा…

बड़े करेली-भेंडरी के बीच भीषण सड़क हादसा, ट्रक चालक की मौत; हाईवा चालक गंभीर…

धमतरी से लापता युवक को परिवार तक पहुंचाया, अब क्षत-विक्षत शव की पहचान बनी पुलिस के लिए पहेली…

कब खरीदना चाहिए नया स्मार्टफोन, क्या आप जानते हैं ये नियम?

HomePod Mini Update: सिरी एआई के साथ आ रहे Apple के नए होम प्रोडक्ट्स, जानें डिटेल्स…

15 August: देश के 10 ऐसे कानून, जो आजादी के बाद सबसे ज्यादा बदले…

वैज्ञानिकों ने बनाया पानी के अंदर काम करने वाला सुपरग्लू, जानें कैसे करेगा काम?

छत्तीसगढ़: IPS डांगी केस में हाईकोर्ट का नोटिस, जांच पर भी उठे सवाल…

सिहावा पुलिस की जुआरियों पर बड़ी कार्रवाई, 10 आरोपी गिरफ्तार…

धमतरी में 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में दिखेंगे घुड़सवारों के हैरतअंगेज करतब…

Hotel Free WiFi Scams: होटल के फ्री Wi-Fi से कैसे आपका डेटा चुराते हैं हैकर्स? जानें पूरी बात…

iPhone 17 Pro On Down Payment: 20 हजार की डाउन पेमेंट पर भी आ जाएगा iPhone 17 pro, जानिए कैसे?

In-Display Fingerprint: Super OLED में ही क्यों आता है इन डिस्प्ले फिंगर प्रिंट, बाकी में क्यों नहीं?

Digital India ने आपकी जिंदगी कैसे बदल दी? जान लें हर बात…

छत्तीसगढ़: बालोद में मुंबई की महिला बाइक राइडर की मौत, सड़क हादसे में गई जान…

नगरी में ताश से जुआ खेलते 4 जुआरी गिरफ्तार, 1.12 लाख रुपये का मशरूका जब्त…

तिहरे हत्याकांड में एक साल के भीतर कड़ा फैसला, पांच आरोपियों को आजीवन कारावास…

जब दुनिया के मिडिल में है नहीं तो क्यों कहते हैं इसे ‘मिडिल ईस्ट’, किसने दिया था ये नाम?

Share

ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण ‘मिडल ईस्ट’ शब्द आज पूरी दुनिया की जुबान पर है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि नक्शे पर जो हिस्सा न दुनिया के बीच में है और न ही पूरी तरह पूर्व में, उसे आखिर ‘मिडल ईस्ट’ क्यों कहा जाता है? यह नाम किसी भौगोलिक सच्चाई से ज्यादा गुलामी के दौर की उस मानसिकता को दर्शाता है, जब दुनिया के नक्शे को केवल लंदन की खिड़की से देखा जाता था. आइए जानते हैं इस नाम के पीछे की असली कहानी क्या है.

1/8
दुनिया के नक्शे पर नजर डालें तो सऊदी अरब, ईरान या इराक जैसे देश न तो मध्य में हैं और न ही पूरी तरह पूर्व में. दरअसल, एक लंबे समय तक दुनिया के बड़े हिस्से पर ब्रिटिश साम्राज्य का राज रहा. इंग्लैंड चूंकि यूरोप में स्थित है, इसलिए अंग्रेजों ने अपनी भौगोलिक स्थिति के आधार पर ही दुनिया को बांटना शुरू किया.
दुनिया के नक्शे पर नजर डालें तो सऊदी अरब, ईरान या इराक जैसे देश न तो मध्य में हैं और न ही पूरी तरह पूर्व में. दरअसल, एक लंबे समय तक दुनिया के बड़े हिस्से पर ब्रिटिश साम्राज्य का राज रहा. इंग्लैंड चूंकि यूरोप में स्थित है, इसलिए अंग्रेजों ने अपनी भौगोलिक स्थिति के आधार पर ही दुनिया को बांटना शुरू किया.
2/8
उनके हिसाब से जो देश यूरोप के पूर्व में थे वे 'ईस्टर्न' कहलाए और जो पश्चिम में थे वे 'वेस्टर्न' देश बन गए. यह पूरी तरह से यूरोप-केंद्रित सोच थी जिसे 'यूरो-सेंट्रिक' नजरिया कहा जाता है. अंग्रेजों ने एशिया को तीन हिस्सों में बांटा था. यूरोप के सबसे करीब वाले एशियाई क्षेत्र (जैसे बाल्कन और तुर्की का इलाका) को उन्होंने 'नियर ईस्ट' यानी निकट पूर्व कहा.
उनके हिसाब से जो देश यूरोप के पूर्व में थे वे ‘ईस्टर्न’ कहलाए और जो पश्चिम में थे वे ‘वेस्टर्न’ देश बन गए. यह पूरी तरह से यूरोप-केंद्रित सोच थी जिसे ‘यूरो-सेंट्रिक’ नजरिया कहा जाता है. अंग्रेजों ने एशिया को तीन हिस्सों में बांटा था. यूरोप के सबसे करीब वाले एशियाई क्षेत्र (जैसे बाल्कन और तुर्की का इलाका) को उन्होंने ‘नियर ईस्ट’ यानी निकट पूर्व कहा.
3/8
वहीं एशिया के सबसे दूर वाले हिस्से, जैसे चीन और जापान को 'फार ईस्ट' यानी सुदूर पूर्व का नाम दिया गया. इन दोनों के बीच जो अरब और खाड़ी का क्षेत्र पड़ता था, उसे सुविधा के लिए 'मिडल ईस्ट' यानी मध्य पूर्व कह दिया गया. यानी यह नाम असली भूगोल पर नहीं, बल्कि लंदन से उनकी दूरी के हिसाब से तय हुआ था.
वहीं एशिया के सबसे दूर वाले हिस्से, जैसे चीन और जापान को ‘फार ईस्ट’ यानी सुदूर पूर्व का नाम दिया गया. इन दोनों के बीच जो अरब और खाड़ी का क्षेत्र पड़ता था, उसे सुविधा के लिए ‘मिडल ईस्ट’ यानी मध्य पूर्व कह दिया गया. यानी यह नाम असली भूगोल पर नहीं, बल्कि लंदन से उनकी दूरी के हिसाब से तय हुआ था.
4/8
हालांकि यह शब्द अंग्रेजों की देन था, लेकिन इसे वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने का श्रेय 1902 में अमेरिकी नौसेना रणनीतिकार अल्फ्रेड थायर महान को जाता है. उन्होंने ब्रिटिश भारत और स्वेज नहर के बीच के इलाके को परिभाषित करने के लिए इस शब्द का औपचारिक इस्तेमाल किया. उस समय ब्रिटिश भारत साम्राज्य का सबसे अहम हिस्सा था और ब्रिटेन के लिए यह इलाका व्यापार और सेना की आवाजाही के लिए बहुत महत्वपूर्ण था.
हालांकि यह शब्द अंग्रेजों की देन था, लेकिन इसे वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने का श्रेय 1902 में अमेरिकी नौसेना रणनीतिकार अल्फ्रेड थायर महान को जाता है. उन्होंने ब्रिटिश भारत और स्वेज नहर के बीच के इलाके को परिभाषित करने के लिए इस शब्द का औपचारिक इस्तेमाल किया. उस समय ब्रिटिश भारत साम्राज्य का सबसे अहम हिस्सा था और ब्रिटेन के लिए यह इलाका व्यापार और सेना की आवाजाही के लिए बहुत महत्वपूर्ण था.
5/8
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटिश सेना ने इस शब्द का उपयोग इतना अधिक किया कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित हो गया. अक्सर लोग 'मिडल ईस्ट' और 'खाड़ी देश' को एक ही समझ लेते हैं, लेकिन इनमें अंतर है. खाड़ी या 'गल्फ' उस जगह को कहते हैं जहां समुद्र का पानी जमीन के अंदर तक घुसा होता है.
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटिश सेना ने इस शब्द का उपयोग इतना अधिक किया कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित हो गया. अक्सर लोग ‘मिडल ईस्ट’ और ‘खाड़ी देश’ को एक ही समझ लेते हैं, लेकिन इनमें अंतर है. खाड़ी या ‘गल्फ’ उस जगह को कहते हैं जहां समुद्र का पानी जमीन के अंदर तक घुसा होता है.
6/8
पश्चिमी एशिया के वे देश जिनकी सीमा फारस की खाड़ी (Persian Gulf) से लगती है, उन्हें खाड़ी देश कहा जाता है. इसमें मुख्य रूप से सऊदी अरब, यूएई, कुवैत, बहरीन, कतर और ओमान शामिल हैं. यह एक शुद्ध भौगोलिक शब्द है जो समुद्र से जुड़ी उनकी स्थिति को दर्शाता है.
पश्चिमी एशिया के वे देश जिनकी सीमा फारस की खाड़ी (Persian Gulf) से लगती है, उन्हें खाड़ी देश कहा जाता है. इसमें मुख्य रूप से सऊदी अरब, यूएई, कुवैत, बहरीन, कतर और ओमान शामिल हैं. यह एक शुद्ध भौगोलिक शब्द है जो समुद्र से जुड़ी उनकी स्थिति को दर्शाता है.
7/8
मिडल ईस्ट के भीतर एक और श्रेणी 'अरब देशों' की है. इसका संबंध किसी खाड़ी या समुद्र से नहीं, बल्कि भाषा और सभ्यता से है. जिन देशों की मुख्य भाषा अरबी है और जिनकी पहचान अरब संस्कृति से जुड़ी है, वे अरब देश कहलाते हैं.
मिडल ईस्ट के भीतर एक और श्रेणी ‘अरब देशों’ की है. इसका संबंध किसी खाड़ी या समुद्र से नहीं, बल्कि भाषा और सभ्यता से है. जिन देशों की मुख्य भाषा अरबी है और जिनकी पहचान अरब संस्कृति से जुड़ी है, वे अरब देश कहलाते हैं.
8/8
इसमें मिस्र (इजिप्ट) जैसे देश भी शामिल हैं जो अफ्रीका महाद्वीप में हैं, लेकिन अरबी संस्कृति के कारण अरब जगत का हिस्सा माने जाते हैं. इस तरह मिडल ईस्ट एक बड़ा राजनीतिक नाम है, जबकि खाड़ी और अरब देश उसके भीतर की सांस्कृतिक और भौगोलिक उप-श्रेणियां हैं.
इसमें मिस्र (इजिप्ट) जैसे देश भी शामिल हैं जो अफ्रीका महाद्वीप में हैं, लेकिन अरबी संस्कृति के कारण अरब जगत का हिस्सा माने जाते हैं. इस तरह मिडल ईस्ट एक बड़ा राजनीतिक नाम है, जबकि खाड़ी और अरब देश उसके भीतर की सांस्कृतिक और भौगोलिक उप-श्रेणियां हैं.

www.joharsagacg.com

जोहार सगा न्यूज़ – धमतरी का एक विश्वसनीय डिजिटल न्यूज़ पोर्टल है, जो शासन, समाज और जनहित से जुड़ी खबरों को सटीक, प्रमाणिक और तेज़ी से जनता तक पहुंचाने का कार्य करता है। हमारा उद्देश्य है – सच्चाई के साथ डिजिटल माध्यम से हर व्यक्ति तक जिम्मेदार पत्रकारिता पहुँचाना।

Edit Template

संपर्क करे

हमसे संपर्क करने के लिए नीचे दिए गए माध्यमों का उपयोग करें:

📞 फोन: 9303600826

✉️ ईमेल: upndrasahusss@gmail.com

📍 पता: भटगांव चौक गोकुलपुर वार्ड धमतरी तह व जिला धमतरी, छत्तीसगढ़, भारत

हम आपके व्यवसाय, ब्रांड या सेवाओं को स्थानीय और क्षेत्रीय स्तर पर प्रचारित करने का अवसर देते हैं।

हमारे विज्ञापन विकल्प:

डिस्प्ले बैनर विज्ञापन, सोशल मीडिया प्रमोशन

प्रायोजित लेख/समाचार


विज्ञापन अस्वीकरण

जोहार सगा न्यूज़ पोर्टल पर प्रकाशित किसी भी विज्ञापन का हम समर्थन नहीं करते। विज्ञापन में दिये गए उत्पाद, सेवाएँ और उनके लाभ विज्ञापन प्रदाताओं की जिम्मेदारी हैं। हमारा उद्देश्य केवल जानकारी देना है — किसी उत्पाद या सेवा से जुड़ी पुष्टि, उपयोगिता या प्रभाव की जिम्मेदारी हमारी नहीं है।

सोशल मिडिया पर हम

 

जोहार सगा न्यूज़ – जनता की आवाज़

धमतरी ज़िले का उभरता डिजिटल वेब न्यूज़ चैनल, जो शासन के नियमों का पालन करते हुए पानी, समाज और जनहित से जुड़े मुद्दों पर साफ-सुथरी पत्रकारिता करता है।

हमारा उद्देश्य है –

  1. जनता की रोज़ी-रोटी और जीवन से जुड़े सवाल शासन-प्रशासन तक पहुँचाना।
  2. सरकारी योजनाओं व नियमों की सटीक जानकारी गाँव-गाँव और शहर तक पहुँचाना।
  3. शिक्षा, रोजगार, खेती, निजीकरण, राजनीति और संस्कृति में बदलाव को उजागर करना।
  4. पानी, जंगल, ज़मीन और पर्यावरण पर जनजागरूकता लाना।

तेज़ रफ़्तार डिजिटल दौर में, “जोहार सगा न्यूज़” भरोसेमंद खबर सीधे आपके मोबाइल तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

“जोहार सगा न्यूज़ – जनता की आवाज़”

देखिए अब YouTube में