जब देश और दुनिया में महंगाई अपने चरम पर होती है, तब लोग कार, जमीन या विदेश यात्रा जैसी बड़ी खरीदारियों को टाल देते हैं. बजट तंग होने पर जेब को बड़े झटकों से बचाना हर इंसान की प्राथमिकता बन जाता है. लेकिन इसी दौर में बाजार में एक अनोखा बदलाव देखने को मिलता है- लिपस्टिक, सुगंधित परफ्यूम और ब्यूटी प्रोडक्ट्स की बिक्री में अचानक तेजी आ जाती है. अर्थशास्त्र की दुनिया में इस अनूठी मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया को ‘लिपस्टिक इफेक्ट’ कहा जाता है, जो तंगी के समय भी इंसान की छोटी-छोटी ख्वाहिशों और खुशी पाने की सोच को दर्शाती है.

