धमतरी/ नियमितीकरण, मानदेय वृद्धि और अन्य लंबित मांगों को लेकर जिले के कोटवारों ने शुक्रवार को तहसील मुख्यालय में धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री के नाम तहसील प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
कोटवार संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेशभर के कोटवार वर्षों से गांवों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन आज तक उन्हें नियमित कर्मचारी का दर्जा नहीं मिला है। वर्तमान में मिलने वाले अल्प मानदेय में परिवार का पालन-पोषण करना कठिन हो गया है।
जिला अध्यक्ष राजेन्द्र देवदास एवं तहसील अध्यक्ष कोमल सिंह ने कहा कि लंबे समय तक सेवा देने के बावजूद कोटवारों को सेवानिवृत्ति, मृत्यु अथवा त्यागपत्र की स्थिति में पेंशन सहित अन्य शासकीय सुविधाओं का लाभ नहीं मिलता। इससे वृद्धावस्था में आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता है।

संघ ने अपनी प्रमुख मांगों में कोटवारों का राजस्व विभाग में संविलियन, सेवा भूमि के आधार पर मानदेय में बढ़ोतरी तथा बिना सेवा भूमि वाले कोटवारों का मानदेय 6 हजार रुपये से बढ़ाकर 15 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग की है। इसके अलावा 3 से 7.5 एकड़ सेवा भूमि वाले कोटवारों का मानदेय 5,500 से बढ़ाकर 12 हजार रुपये, 7.5 से 10 एकड़ सेवा भूमि वालों का 4,500 से बढ़ाकर 10 हजार रुपये तथा 10 एकड़ से अधिक सेवा भूमि वाले कोटवारों का मानदेय 3 हजार से बढ़ाकर 8 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने की मांग की गई है।
कोटवार संघ ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो प्रदेश स्तर पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
