धमतरी/ खरीफ सीजन के दौरान किसानों को समय पर उचित मूल्य पर खाद-उर्वरक उपलब्ध कराने और जमाखोरी व कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए कृषि विभाग ने धमतरी जिले में सघन निरीक्षण अभियान चलाया। निरीक्षण के दौरान दो उर्वरक विक्रय केंद्रों में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर उनके लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए।
उप संचालक कृषि मोनेश साहू एवं अनुविभागीय कृषि अधिकारी की मौजूदगी में धमतरी और कुरूद विकासखंड के कई उर्वरक विक्रय केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान यादव खाद भंडार, दानीटोला और रूपाली कृषि केन्द्र, रामबाग (धमतरी) में पीओएस मशीन के रिकॉर्ड और भौतिक स्टॉक में अंतर पाया गया। साथ ही मूल्य सूची एवं स्टॉक सूची का प्रदर्शन नहीं किया गया तथा पूर्व में जारी कारण बताओ नोटिस का संतोषजनक जवाब भी प्रस्तुत नहीं किया गया। इन अनियमितताओं को उर्वरक नियंत्रण आदेश एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम का उल्लंघन मानते हुए दोनों प्रतिष्ठानों के लाइसेंस आगामी आदेश तक निलंबित कर दिए गए।
इसके अलावा कुणाल कृषि केन्द्र (कोलियारी), सूरज कृषि केन्द्र (कोलियारी) तथा सांई कृपा कृषि केन्द्र (दानीटोला) में भी अनियमितताएं मिलने पर कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। जवाब मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

1 जुलाई से चलेगा विशेष सतर्कता अभियान
कृषि विभाग ने बताया कि संचालक कृषि के निर्देशानुसार 1 जुलाई से 31 अगस्त 2026 तक जिले में उर्वरक विक्रय सतर्कता अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान जमाखोरी, कालाबाजारी, टैगिंग, अधिक मूल्य पर बिक्री और बिना पीओएस मशीन के उर्वरक विक्रय पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
जिले में खाद की पर्याप्त उपलब्धता
मानसून शुरू होने के साथ किसानों द्वारा खाद और बीज का उठाव तेजी से किया जा रहा है। जिला प्रशासन के अनुसार अब तक सहकारी समितियों के माध्यम से 16,957.34 मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया जा चुका है। इसमें 7,540.77 मीट्रिक टन यूरिया, 3,005.57 मीट्रिक टन सुपर फॉस्फेट, 2,042.09 मीट्रिक टन डीएपी, 814.52 मीट्रिक टन पोटाश और 3,554.39 मीट्रिक टन एनपीके शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि डबल लॉक भंडारण केंद्रों में भी पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है और आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त भंडारण की व्यवस्था की जा रही है।
