मिडिल ईस्ट में इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव ने पूरी दुनिया को एक संभावित महायुद्ध के मुहाने पर खड़ा कर दिया है. ईरान द्वारा इजरायल पर किए गए बैलिस्टिक मिसाइल हमलों के बाद अब वैश्विक चर्चा का केंद्र इन देशों की मिसाइल शक्ति बन गई है. वर्तमान में दुनिया के मात्र 9 देशों- रूस, अमेरिका, चीन, फ्रांस, ब्रिटेन, भारत, उत्तर कोरिया, इजरायल और पाकिस्तान के पास परमाणु क्षमता वाली बैलिस्टिक मिसाइलें मौजूद हैं. इनमें से कुछ मिसाइलें इतनी खतरनाक हैं कि वे एक महाद्वीप से दूसरे महाद्वीप तक तबाही मचाने की क्षमता रखती हैं.
रूस की सबसे घातक मिसाइल
मिसाइल तकनीक के मामले में रूस वर्तमान में सबसे शीर्ष पर नजर आता है. रूस के पास ‘RS-28 Sarmat’ नामक मिसाइल है, जिसे नाटो देशों ने ‘सैटर्न-2’ (SATAN II) का नाम दिया है. यह दुनिया की सबसे घातक इंटरकॉन्टिनेंटल (ICBM) और हाइपरसोनिक मिसाइल है. इसकी रेंज 18,000 किलोमीटर है, जिसका मतलब है कि यह रूस में बैठे-बैठे दुनिया के किसी भी कोने को निशाना बना सकती है. यह मिसाइल 1945 में हिरोशिमा पर गिराए गए परमाणु बम से 2,000 गुना ज्यादा शक्तिशाली है और एक साथ 10 से ज्यादा परमाणु हथियार ले जा सकती है.
अमेरिका का न्यूक्लियर ट्रायड और ट्राइडेंट-2
अमेरिका की मिसाइल शक्ति मुख्य रूप से उसकी ‘मिनटमैन III’ और ‘ट्राइडेंट II D5’ पर टिकी है. मिनटमैन III की मारक क्षमता 13,000 किलोमीटर है और यह अमेरिका के जमीनी मिसाइल बेड़े का हिस्सा है. वहीं, ट्राइडेंट II D5 एक सबमरीन-लॉन्च्ड बैलिस्टिक मिसाइल (SLBM) है, जिसकी रेंज 12,000 किलोमीटर है. इसे समुद्र के नीचे पनडुब्बियों से दागा जाता है, जिससे दुश्मन को इसका पता लगाना नामुमकिन हो जाता है. इसकी सटीकता इतनी जबरदस्त है कि यह अपने लक्ष्य से मात्र 90 मीटर के दायरे में सटीक वार करती है.

उत्तर कोरिया और चीन की बढ़ती मारक क्षमता
उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने ‘ह्वासोंग-15’ (Hwasong-15) जैसी मिसाइल विकसित की है, जिसकी रेंज 13,000 किलोमीटर है। यह मिसाइल पूरे अमेरिकी मुख्य भूभाग को निशाना बनाने में सक्षम है और इसकी रफ्तार ध्वनि की गति से 22 गुना ज्यादा है. वहीं चीन के पास ‘JL-3’ मिसाइल है, जिसे पनडुब्बियों पर तैनात किया गया है. इसकी रेंज 12,000 किलोमीटर तक है, जो चीन को समुद्र के रास्ते अमेरिका तक मार करने की ताकत देती है.
भारत की ‘अग्नि-V’
भारत भी दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल है जिनके पास लंबी दूरी की मिसाइलें हैं. भारत की ‘अग्नि-V’ (Agni-V) एक इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसकी मारक क्षमता 7,000 से 8,000 किलोमीटर तक मानी जाती है. यह मिसाइल सड़क के रास्ते कहीं भी ले जाई जा सकती है, जिससे इसे लॉन्च करना आसान होता है. इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी सटीकता है; यह अपने लक्ष्य से 10 मीटर के दायरे में वार करती है, जो इसे दुनिया की सबसे सटीक मिसाइलों में से एक बनाती है.
ईरान और इजरायल
क्षेत्रीय युद्ध की बात करें तो ईरान के पास ‘शहाब-3’ और ‘फतह’ जैसी मिसाइलें हैं जिनकी रेंज 1,300 से 2,000 किलोमीटर के बीच है. यह रेंज पूरे इजरायल और खाड़ी देशों को कवर करने के लिए पर्याप्त है. दूसरी ओर, इजरायल के पास दुनिया का सबसे उन्नत रक्षा कवच ‘आयरन डोम’ और ‘एरो-3’ है. इजरायल की आक्रामक शक्ति उसकी ‘जेरिको’ बैलिस्टिक मिसाइलों में छिपी है. हालांकि इजरायल की मिसाइलों की रेंज रूस या अमेरिका जैसी नहीं है, लेकिन उनकी तकनीक और मारक क्षमता अत्यंत सटीक और आधुनिक है.
