धमतरी/ छत्तीसगढ़ के वन प्रबंधन और जल संरक्षण मॉडल का अध्ययन करने के लिए भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के 133 प्रोबेशनर अधिकारियों का दल सोमवार को धमतरी जिले के दक्षिण सिंगपुर वन परिक्षेत्र स्थित पम्पारनाला पहुँचा। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी, देहरादून के वर्ष 2025-26 बैच के ये अधिकारी यहां 15 मार्च तक “सॉइल एंड वाटर कंजर्वेशन मेजर्स” विषय पर जमीनी प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।
तकनीकी बारीकियों से हुए रूबरू
प्रधान मुख्य वन संरक्षक व्ही. श्रीनिवास राव के निर्देशन में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में वन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (मानव संसाधन) शालिनी रैना, रायपुर सीसीएफ मणिवासगन एस. और दुर्ग सीसीएफ श्रीमती मबिला ने प्रशिक्षु अधिकारियों को वन प्रबंधन और जल संरक्षण के तकनीकी पहलुओं से अवगत कराया।
पम्पारनाला मॉडल: मिट्टी के कटाव से सिंचाई तक का सफर
धमतरी के डीएफओ जाधव श्रीकृष्ण ने पम्पारनाला परियोजना की सफलता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पहले इस क्षेत्र में अत्यधिक मृदा अपरदन (सॉयल एरोज़न) और मानसून के बाद सूखे जैसी समस्याएं थीं। इन समस्याओं को दूर करने के लिए स्थल की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार वैज्ञानिक उपचार किए गए।
प्रमुख संरचनाएं:
ब्रशवुड चेकडेम, लूज बोल्डर चेकडेम, गेबियन संरचनाएं और 30-40 मॉडल का निर्माण किया गया।
उद्देश्य:
पानी के तेज बहाव को धीमा करना, मिट्टी के कटाव को रोकना और भू-जल स्तर को बढ़ाना।

लाभ:
इन उपायों के बाद पम्पारनाला क्षेत्र में अब सालभर पानी का भराव रहता है। इससे सिंगपुर, कमईपुर और राउतमुड़ा के ग्रामीणों को सिंचाई की सुविधा मिली है, वहीं वन्यप्राणियों के लिए भी पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है।
8 समूहों में दिया गया फील्ड प्रशिक्षण
प्रशिक्षु अधिकारियों को बेहतर समझ के लिए 8 समूहों में बांटा गया। बलौदाबाजार डीएफओ गणवीर धम्मशील, राजनांदगांव डीएफओ आयुष जैन, कांकेर डीएफओ रौनक गोयल, दुर्ग डीएफओ दिपेश कपिल और बालोद डीएफओ अभिषेक अग्रवाल सहित अन्य अधिकारियों ने ग्रुप लीडर के रूप में फील्ड पर लाइव डेमो और तकनीकी प्रशिक्षण दिया।
आगामी कार्यक्रम
प्रशिक्षण दल 11 और 12 मार्च को कुसुमपानीनाला, कांसानाला और लकलकीनाला का दौरा करेगा। वहीं 14 मार्च को दुगली स्थित वन धन विकास केन्द्र में वनों के दोहन, कूप मार्किंग और कटाई कार्य का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्राप्त करेगा।
इस दौरान स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन की टीमें भी सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं के लिए तैनात रहीं।
