आज फोन, लैपटॉप और कंप्यूटर में हमारी जिंदगी का लगभग पूरा जरूरी डेटा मौजूद रहता है. फोटो, वीडियो, ऑफिस डॉक्युमेंट्स, प्रोजेक्ट्स और दूसरी जरूरी फाइलें अब ज्यादातर डिजिटल हो चुकी हैं, लेकिन एक डिवाइस खराब होने, डेटा गलती से डिलीट होने, हार्ड ड्राइव फेल होने या रैनसमवेयर अटैक की स्थिति में यही डेटा कुछ ही समय में खतरे में पड़ सकता है. सिर्फ एक एक्सटर्नल हार्ड ड्राइव में कॉपी बनाकर रखना हर स्थिति में सही नहीं माना जाता है. ऐसे में 3-2-1-1-0 Rule डेटा बैकअप को सुरक्षित रखने की एक स्मार्ट स्ट्रैटेजी है. तो आइए जानते हैं कि 3-2-1-1-0 Rule क्या है और कैसे करता काम है.

3-2-1-1-0 नियम के मुताबिक 3 का मतलब जरूरी डेटा की कम से कम 3 कॉपी रखनी चाहिए. इसमें आपकी ओरिजिनल फाइल भी शामिल होती है. जैसे एक कॉपी लैपटॉप में, दूसरी क्लाउड स्टोरेज में और तीसरी एक्सटर्नल हार्ड ड्राइव में रखी जा सकती है. इससे किसी एक डिवाइस के खराब होने पर बाकी कॉपी सुरक्षित रहती हैं.
