धमतरी/ छत्तीसगढ़ शासन और पुलिस मुख्यालय की कल्याणकारी नीतियों के तहत भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के सैलरी पैकेज एमओयू का लाभ धमतरी जिले के तीन दिवंगत पुलिसकर्मियों के आश्रितों को मिला। पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार एवं एसबीआई अधिकारियों ने आयोजित कार्यक्रम में नामिनी परिजनों को कुल 1 करोड़ 20 लाख रुपये की बीमा दावा राशि के चेक प्रदान किए।
कार्यक्रम में दिवंगत आरक्षक रामेश्वर नेताम की नामिनी डामिन बाई को 1 करोड़ रुपये की बीमा राशि का चेक सौंपा गया। रामेश्वर नेताम जिला दुर्ग में पदस्थ थे, जबकि उनका परिवार वर्तमान में धमतरी जिले के ग्राम केरेगांव में निवास करता है।
वहीं, दिवंगत आरक्षक कांतू ठाकुर की नामिनी राम बाई ठाकुर तथा दिवंगत आरक्षक धनेश देवांगन की नामिनी श्रीमती नेहा देवांगन को 10-10 लाख रुपये की बीमा सहायता प्रदान की गई। इस प्रकार तीनों परिवारों को कुल 1.20 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई।
इस अवसर पर एसपी सूरज सिंह परिहार ने कहा कि पुलिस विभाग अपने कर्मचारियों के साथ-साथ उनके परिवारों के सुख-दुख में भी सहभागी रहता है। पुलिस मुख्यालय द्वारा किए गए ऐसे कल्याणकारी प्रयास यह सुनिश्चित करते हैं कि किसी पुलिसकर्मी के आकस्मिक निधन की स्थिति में उसके परिवार को आर्थिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि यह सहायता केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि पुलिस परिवारों के प्रति विभाग और संस्थानों की संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

एसपी ने परिजनों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना और भरोसा दिलाया कि धमतरी पुलिस हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने एसबीआई प्रबंधन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बैंक की ऐसी योजनाएं पुलिस कर्मियों और उनके आश्रितों को सुरक्षा एवं विश्वास प्रदान करती हैं।
एसबीआई शाखा प्रबंधक चेतन सिंह ठाकुर ने बताया कि पुलिस कर्मियों के लिए बैंक के सैलरी पैकेज में कई महत्वपूर्ण सुविधाएं शामिल हैं, जिनमें बीमा सुरक्षा प्रमुख है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी बैंक पुलिस परिवारों को बेहतर सेवाएं और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र कुमार पांडेय, डीएसपी मीना साहू, डीएसपी यशकरण दीप ध्रुव, एरिया मैनेजर राम देवांगन, पुलिस कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी एवं दिवंगत पुलिसकर्मियों के परिजन उपस्थित रहे।
यह आयोजन छत्तीसगढ़ शासन एवं पुलिस मुख्यालय की कल्याणकारी नीतियों, पुलिस विभाग की संवेदनशील कार्य संस्कृति तथा पुलिस परिवारों के प्रति विभागीय प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण बना।
