बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट पर पूरी तरह से नाकाबंदी लगाने की चेतावनी दी है. यह एक ऐसा क्षेत्र है जिस पर पहले से ही ईरान का काफी प्रभाव है. ईरान यहां पर पहले से ही टोल टैक्स वसूल रहा है. लेकिन सवाल यह उठता है कि आखिर नाकाबंदी क्या होती है और डोनाल्ड ट्रंप की इस धमकी का क्या मतलब है? आइए जानते हैं.
नाकाबंदी का क्या मतलब है?
नाकाबंदी एक सैन्य रणनीति है जिसमें कोई देश नौसेना या फिर सशस्त्र बल का इस्तेमाल करके किसी खास क्षेत्र में आने जाने वाले जहाज, सामान या व्यापार की आवाजाही को सीमित करता है या फिर पूरी तरह से रोक देता है. संघर्ष के दौरान इसका इस्तेमाल अक्सर विरोधी को आर्थिक और रणनीतिक रूप से कमजोर करने के लिए किया जाता है.
ईरानी बंदरगाह और जहाजों को निशाना बनाना
इस मामले में प्रस्तावित नाकाबंदी खास तौर से उन जहाजों को निशाना बनाती है जो ईरानी बंदरगाहों से जुड़े हैं. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक ईरानी बंदरगाहों में प्रवेश करने वाले या फिर वहां से निकलने वाले जहाजों को रोका जा सकता है या फिर उन पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है. इस कदम का लक्ष्य पूरे जलमार्ग को बंद करना नहीं बल्कि ईरान के समुद्री व्यापार को अलग-थलग करना है.

अवैध टोल को लेकर विवाद
अमेरिका ने ईरान पर होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर अवैध टोल लगाने का आरोप लगाया है. वाशिंगटन ने यह चेतावनी दी है कि ऐसे शुल्क का भुगतान करने वाले किसी भी जहाज को अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है. यह नाकाबंदी की धमकी के पीछे एक बड़ी वजह बनता है.
दूसरे देशों के व्यापार पर कोई असर नहीं
कड़े रुख के बावजूद भी अमेरिका ने यह साफ किया है कि दूसरे देश जैसे यूएई या फिर ओमान के बीच होने वाले व्यापार पर कोई भी असर नहीं पड़ेगा. इसका विचार यह है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में मुक्त आवाजाही के सिद्धांत को बनाए रखा जाए. जबकि सिर्फ ईरान से जुड़े जहाजों को ही निशाना बनाया जाए. होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है. जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है. इस जगह में किसी भी नाकाबंदी या सैन्य तनाव से तेल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं और वैश्विक व्यापार बाधित हो सकता है
