धमतरी/ जिले में मानव तस्करी, अनैतिक व्यापार तथा महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास विभाग एवं धमतरी पुलिस के संयुक्त तत्वावधान में व्यापक एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन आजीविका महाविद्यालय (लाइवलीहुड कॉलेज) में किया गया, जिसमें पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार के मार्गदर्शन में विस्तृत व्याख्यान एवं प्रशिक्षण सत्र संपन्न हुआ।
पीड़ित-केंद्रित एवं जवाबदेह पुलिसिंग पर बल
पुलिस अधीक्षक श्री सूरज सिंह परिहार ने अपने संबोधन में कहा कि मानव तस्करी एवं महिलाओं/बच्चों से जुड़े अपराधों में पुलिस की भूमिका अत्यंत संवेदनशील, मानवीय एवं जवाबदेह होनी चाहिए।
उन्होंने निर्देशित किया कि—
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प्रत्येक प्रकरण में पीड़ित-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाया जाए।
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महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों एवं दिव्यांगजनों के साथ गरिमापूर्ण व्यवहार सुनिश्चित किया जाए।
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विभागों के मध्य प्रभावी समन्वय स्थापित कर त्वरित एवं विधिसम्मत कार्रवाई की जाए।
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साइबर माध्यम से होने वाले अपराधों पर विशेष सतर्कता एवं तकनीकी दक्षता विकसित की जाए।
उन्होंने कहा कि सतत प्रशिक्षण और जागरूकता ही प्रभावी कानून-व्यवस्था की आधारशिला है।

कार्यशाला के प्रमुख विषय
मानव तस्करी एवं अनैतिक व्यापार की रोकथाम
मानव तस्करी को संगठित एवं जघन्य अपराध बताते हुए संबंधित विधिक प्रावधान, पीड़ित संरक्षण, पुनर्वास, साक्ष्य संकलन एवं अंतर्विभागीय समन्वय पर विस्तृत चर्चा की गई।
साइबर अपराध
ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया दुरुपयोग, साइबर स्टॉकिंग तथा बच्चों से जुड़े ऑनलाइन अपराधों के संबंध में कानूनी प्रावधानों एवं तकनीकी जांच प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
पॉक्सो एवं बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम
Protection of Children from Sexual Offences Act, 2012 (POCSO) के अंतर्गत बाल संरक्षण, अनिवार्य सूचना, विशेष न्यायालय एवं पीड़ित हितैषी प्रक्रिया पर मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
साथ ही Prohibition of Child Marriage Act, 2006 के तहत बाल विवाह रोकथाम एवं दंडात्मक प्रावधानों की जानकारी दी गई।
कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम
Sexual Harassment of Women at Workplace (Prevention, Prohibition and Redressal) Act, 2013 के अंतर्गत आंतरिक शिकायत समिति (ICC) की भूमिका, गोपनीयता, समयबद्ध जांच एवं प्रतितोष की व्यवस्था पर विस्तार से जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों ने साझा की महत्वपूर्ण जानकारी
कार्यक्रम में डॉ. कल्पना ध्रुव (डिप्टी कलेक्टर), सुश्री मोनिका मरावी (डीएसपी), श्री अजय सिंह (जिला लोक अभियोजन अधिकारी), अनामिका शर्मा (महिला संरक्षण अधिकारी), श्री आनंद पाठक (डीसीपीयू) एवं साइबर थाना प्रभारी द्वारा अपने-अपने विषयों पर विधिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी, संबंधित विभागों के अधिकारी, समस्त थाना/चौकी प्रभारी, महिला सेल, अजाक, आईयूसीएडब्लू, साइबर शाखा एवं रक्षित केंद्र के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यशाला का उद्देश्य
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पुलिस एवं संबंधित विभागों को मानव तस्करी एवं महिला/बाल अपराधों से संबंधित विधिक प्रावधानों की गहन समझ प्रदान करना, पीड़ित-केंद्रित दृष्टिकोण विकसित करना तथा अंतर्विभागीय समन्वय को और अधिक मजबूत बनाना रहा।
जिला प्रशासन एवं पुलिस द्वारा भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से संवेदनशील, जवाबदेह एवं प्रभावी पुलिसिंग को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।
