AI Vs AI Agent: आज के डिजिटल दौर में Artificial Intelligence यानी AI शब्द हर जगह सुनाई देता है. स्मार्टफोन से लेकर बैंकिंग सिस्टम और सोशल मीडिया तक हर जगह AI का इस्तेमाल हो रहा है. लेकिन हाल के दिनों में एक नया शब्द तेजी से चर्चा में आया है AI Agent. कई लोग दोनों को एक जैसा समझ लेते हैं जबकि इन दोनों के बीच बड़ा अंतर है.
क्या है AI?
AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक ऐसी तकनीक है जो मशीनों को इंसानों की तरह सोचने, समझने और सीखने की क्षमता देती है. उदाहरण के लिए, जब आप गूगल पर कुछ सर्च करते हैं और आपको आपकी पसंद के हिसाब से रिजल्ट मिलते हैं या जब आपका फोन फेस अनलॉक से खुल जाता है तो वहां AI काम कर रहा होता है.
AI का मुख्य काम डेटा को समझना, पैटर्न पहचानना और उसके आधार पर सुझाव देना या निर्णय लेना है. लेकिन यह आमतौर पर इंसान के दिए गए निर्देशों पर ही काम करता है.

AI Agent क्या अलग करता है?
AI Agent को आप AI का एडवांस्ड रूप मान सकते हैं. यह सिर्फ निर्देशों का पालन नहीं करता बल्कि खुद से निर्णय लेने और कई स्टेप्स में काम पूरा करने की क्षमता रखता है.
मान लीजिए आपने किसी AI से कहा कि मुझे दिल्ली से मुंबई की सस्ती फ्लाइट बताओ. सामान्य AI आपको विकल्प दिखा देगा. लेकिन एक AI Agent खुद फ्लाइट खोजेगा, कीमतों की तुलना करेगा आपके कैलेंडर के अनुसार सही तारीख चुनेगा और जरूरत पड़े तो टिकट भी बुक कर देगा. यानी AI Agent सिर्फ जानकारी नहीं देता बल्कि एक लक्ष्य को पूरा करने के लिए खुद एक्शन भी ले सकता है.
मुख्य अंतर क्या है?
AI मुख्य रूप से डेटा विश्लेषण और सुझाव देने तक सीमित रहता है जबकि AI Agent किसी लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार काम करता है. AI को आप “स्मार्ट दिमाग” कह सकते हैं, लेकिन AI Agent स्मार्ट असिस्टेंट की तरह होता है जो सोचता भी है और काम भी करता है.
AI Agent में प्लानिंग, निर्णय लेने और वातावरण के अनुसार खुद को एडजस्ट करने की क्षमता होती है. यही वजह है कि आने वाले समय में कंपनियां कस्टमर सर्विस, हेल्थकेयर, फाइनेंस और यहां तक कि पर्सनल असिस्टेंस में AI Agents का ज्यादा इस्तेमाल कर सकती हैं.
