Cyber Fraud: Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) ने सरकारी कर्मचारियों के लिए अहम चेतावनी जारी की है. गृह मंत्रालय की इस साइबर सुरक्षा इकाई ने बताया है कि 8वें वेतन आयोग से जुड़ी फर्जी जानकारी के नाम पर व्हाट्सऐप के जरिए ठगी की कोशिश की जा रही है. साइबर अपराधी कर्मचारियों को ऐसे संदेश भेज रहे हैं जिनमें दावा किया जाता है कि 8वें वेतन आयोग लागू होने के बाद उनकी नई सैलरी कितनी होगी, यह जानने के लिए एक फाइल डाउनलोड करनी होगी. असल में यही फाइल धोखाधड़ी का हथियार बन रही है.
कैसे काम करता है यह WhatsApp APK स्कैम?
I4C के मुताबिक, कर्मचारियों को व्हाट्सऐप पर एक लिंक या APK फाइल भेजी जाती है. मैसेज में लिखा होता है कि इस फाइल को इंस्टॉल कर वे अपनी संशोधित सैलरी का कैलकुलेशन देख सकते हैं. जैसे ही कोई व्यक्ति उस APK फाइल को अपने फोन में इंस्टॉल करता है हैकर्स को डिवाइस तक पहुंच मिल जाती है.
इसके बाद वे मोबाइल में मौजूद बैंकिंग डिटेल्स, OTP और अन्य संवेदनशील जानकारी हासिल कर कुछ ही मिनटों में खाते से रकम निकाल सकते हैं. एजेंसी ने साफ किया है कि सरकार कभी भी वेतन, पेंशन या वेतन आयोग से जुड़ी जानकारी APK फाइल के जरिए साझा नहीं करती.

I4C की सुरक्षा सलाह
साइबर सुरक्षा एजेंसी ने कर्मचारियों को सतर्क रहने की सलाह दी है. किसी भी संदिग्ध व्हाट्सऐप मैसेज, ईमेल या कॉल पर भरोसा न करें, खासकर यदि वह सैलरी संशोधन से जुड़ा हो. अनजान या अप्रमाणित स्रोत से APK फाइल डाउनलोड करने से बचें. ध्यान रखें कि सरकारी विभाग कभी भी व्हाट्सऐप के माध्यम से .APK फाइल नहीं भेजते. वेतन आयोग, सैलरी या पेंशन से जुड़ी सही जानकारी के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट https://8cpc.gov.in� पर ही विजिट करें.
APK फाइल क्या होती है और क्यों है खतरनाक?
APK यानी Android Package Kit, एंड्रॉयड स्मार्टफोन में ऐप इंस्टॉल करने की फाइल होती है. आमतौर पर लोग ऐप्स Google Play Store से डाउनलोड करते हैं जहां सुरक्षा जांच होती है. लेकिन जब कोई यूजर बाहरी स्रोत से APK फाइल इंस्टॉल करता है, तो उसे फोन की सेटिंग्स में Unknown Sources विकल्प को ऑन करना पड़ता है. यही कदम फोन की सुरक्षा को कमजोर बना देता है.
I4C ने सलाह दी है कि इस विकल्प को बंद ही रखें ताकि किसी भी मालवेयर या वित्तीय धोखाधड़ी से बचा जा सके. थोड़ी सी सावधानी आपके मोबाइल और बैंक खाते दोनों को सुरक्षित रख सकती है.
