Breaking

3-2-1-1-0 Rule से बचाएं जरूरी Data, जानें कैसे करता है काम?

GTA 6 का क्रेज! Netflix पर 4 दिन में 31.1M Views, जानें गेम में क्या नया?

CM विष्णु देव साय बोले- ‘बारिश की हर बूंद सहेजने में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी’…

धमतरी पुलिस ने विद्यार्थियों को सिखाए सड़क सुरक्षा के गुर, साइबर फ्रॉड और नए कानूनों की भी दी जानकारी…

एसपी भावना पांडेय के निर्देश पर नगरी पुलिस की पहल, महाविद्यालयीन छात्रों को साइबर फ्रॉड से लेकर नशा मुक्ति तक किया जागरूक…

महानदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर प्रशासन अलर्ट, कलेक्टर ने अधिकारियों को सतत निगरानी के दिए निर्देश…

WhatsApp का नया फीचर! अब यूजर्स पहचान सकेंगे AI कंटेंट, जानें कैसे…

एक घंटे में कितना पैसा कमाती है दिल्ली मेट्रो, किसके खाते में जाती है ये रकम?

टेक सेक्टर में फिर छंटनी का बड़ा झटका! Oracle में 3,000 नौकरियां संकट में, जानें कारण…

कमर तक पानी में कंधों पर शव ले जाने को मजबूर ग्रामीण, Video वायरल…

Uber Eats Drone Delivery:पिज्जा हो या बर्गर, अब आसमान से होगी डिलीवरी! Uber Eats का नया प्लान…

उर्वरक-कीटनाशक विक्रेताओं पर कृषि विभाग की कार्रवाई, एक का लाइसेंस निलंबित…

खुले सोक पिट में गिरने से गाय की मौत, बड़े हादसे की आशंका…

3 वर्षीय मासूम की हत्या के मामले में आरोपी पिता को आजीवन कारावास…

नारी शक्ति पर साय सरकार का भरोसा, छत्तीसगढ़ के 12 जिलों की कमान महिला कलेक्टरों के हाथ…

सड़क सुरक्षा को लेकर यातायात व्यवस्था में बदलाव, सुबह 6 से रात 10 बजे तक भखारा मार्ग पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित…

साइबर जागृति अभियान: धमतरी पुलिस ने 15 थाना-चौकी क्षेत्रों में 2,400 से अधिक लोगों को किया जागरूक…

कुछ लोगों पर क्यों असर नहीं करता खौलता हुए तेल? ये है वजह…

Farmer Suicides India: किन वजहों से सबसे ज्यादा आत्महत्या करते हैं किसान, किस राज्य में सबसे ज्यादा?

इन कारणों से ढीला हो जाता है Charging Port! न करें अनदेखा…

CM विजय ने स्वास्थ्य बीमा 5 गुना बढ़ाया, विधायकों को भी दिया बड़ा तोहफा…

राष्ट्रपति भवन में गूंजा छत्तीसगढ़ का मांदर, सरईटोला के लोक कलाकारों ने पेश की आदिवासी संस्कृति की अनूठी झलक….

ChatGPT For Teens: ChatGpt ने लॉन्च किया Teen वर्जन, क्या है इसमें खास?

भ्रामक एवं एडिटेड वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार…

चाकू की नोक पर सोने का लॉकेट लूटने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार, धमतरी पुलिस ने किया लूटकांड का त्वरित खुलासा…

सिद्धारमैया Vs डीके शिवकुमार: क्या कामयाब होगी ब्रेकफास्ट डिप्लोमेसी? अब कांग्रेस के लिए खड़ी हो गई मुसीबत, समझें कैसे…

Share

कर्नाटक कांग्रेस में महीनों से जारी सत्ता को लेकर खींचतान ने शनिवार (29 नवंबर 2025) को नाटकीय मोड़ ले लिया. मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने एकजुटता दिखाई और कहा कि उनके बीच कोई मतभेद नहीं है और भविष्य में भी वे एकजुट रहेंगे. शिवकुमार, सिद्धरमैया के आवास ‘कावेरी’ पर नाश्ते के लिए पहुंचे थे, जिसके बाद दोनों नेताओं ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. दोनों दिग्गज नेताओं ने भले ही ये कह दिया हो कि पार्टी आलाकमान के फैसले का वे पालन करेंगे, लेकिन उनके आसपास की राजनीतिक व्यवस्था अभी भी स्थिर नहीं है.

सीएम आवास पर ब्रेकफास्ट डिप्लोमेसी

सीएम आवास पर नाश्ते डीके शिवकुमार ने कहा कि सिद्धारमैया दोपहर या रात के भोजन के लिए उनके घर आएंगे. उन्होंने कहा, “पार्टी आलाकमान जो भी कहेगा, वही हमारा भी फैसला होगा. हम पार्टी के वफादार सिपाही रहे हैं. हम जानते हैं कि पार्टी देश में मुश्किल दौर से गुजर रही है, लेकिन हमें पूरा विश्वास है कि कर्नाटक एक बड़ी भूमिका निभाएगा. पार्टी 2028 का विधानसभा चुनाव  कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के नेतृत्व में लड़ेगी.”

अभी भी दोनों नेताओं के बीच फंसा है कुर्सी का पेंच

कर्नाटक में ब्रेकफास्ट डिप्लोमेसी के बाद अभी भी इस सवाल को कोई समाधन नहीं निकला कि किया सिद्धारमैया 5 साल तक का कार्यकाल पूरा करेंगे या ढाई साल पूरे होने के बाद डीके शिवकुमार को कुर्सी सौंपी जाएगी. ब्रेकफास्ट पर दोनों नेताओं का मिलना कांग्रेस आलाकमान को सोची-समझी योजना बताई जा रही है. यहां कुर्सी का पेंच दो ऐसे नेताओं के बीच फंसा हुआ है, जो अलग-अलग क्षेत्रों, जातिगत नेटवर्क का प्रतिनिधित्व करते हैं. चूंकि दोनों नेताओं का हर लिहाज से अपने-अपने क्षेत्र पर मजबूत पकड़ है तो ऐसे में किसी को आसानी से दरकिनार करना आसान नहीं रहने वाला है.

पिछले हफ्ते कांग्रेस के कुछ विधायक दिल्ली में आलाकमान से मिलने पहुंचे और सीएम बदलने को लेकर अपनी बातें रखी. मंत्रिमंडल के सहयोगियों और जाति संगठनों ने भी हाईकमान तक अपनी बात पहुंचाई. कांग्रेस भले ही फिलहाल इस मुद्दे को टालने में कामयाब हो, लेकिन उसके सामने कर्नाटक में दो बड़े नेताओं की लड़ाई गले की फांस बन सकती है. कांग्रेस के लिए AHINDA और वोक्कालिगा वोटर्स को एक साथ करना चुनौती भरा हो सकता है. इन दोनों समुदाय ने साल 2023 में कांग्रेस को राज्य में 136 सीटें दिलाई थी.

 

 

कैसे कांग्रेस के लिए खड़ी हो गई मुसीबत?

ब्रेकफास्ट डिप्लोमेसी ने भले ही इस राजीतिक खींचतान को समय दे दिया हो, लेकिन इससे राज्य में सरकार की स्थिरता और 2028 में होने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी की एकजुटता पर अंदरखाने सवाल उठाए हैं. सवाल है कि आखिर इस कार्यकाल के बाकी बचे समय के लिए कर्नाटक का नेतृत्व कौन करेगा, और किस राजनीतिक कीमत पर? अब सवाल सिर्फ यह नहीं है कि मुख्यमंत्री की कुर्सी पर कौन बैठेगा. सवाल यह है कि क्या कांग्रेस उस गठबंधन को एकजुट रख पाएगी जिसने उसे 2023 में 136 सीटें दिलाईं, जो कर्नाटक के इतिहास में उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था. फिलहाल तो इसमें दरारें नजर आ रही है.

कर्नाटक में दोनों नेताओं की बदौलत पार्टी ने रिकॉर्ड बनाया

साल 2023 में पार्टी के दो कद्दावर नेता सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार ने कर्नाटक में कांग्रेस की सत्ता लाने के लिए चुनाव लड़ा था. तब सिद्धारमैया अल्पसंख्यकों, पिछड़ों और दलितों के AHINDA गठबंधन को आगे बढ़ाने वाले सीएम पद के उम्मीदवार थे. डीके शिवकुमार राज्य कांग्रेस के अध्यक्ष थे, जिनके वोक्कालिगा प्रभाव और संगठनात्मक क्षमता ने पुराने मैसूर में जेडीएस को ध्वस्त करने में मदद की थी.

तब नेतृत्व कौन करेगा, यह सवाल इतना विवादास्पद था कि बेंगलुरु के एक होटल में घंटों बैठक करने वाले पार्टी वार्ताकारों को एक नाज़ुक समझौता करने के लिए मजबूर होना पड़ा. तब ये दोहरी व्यवस्था के रूप में नतीजा सामने आया. सिद्धारमैया मुख्यमंत्री बनेंगे और शिवकुमार उप-मुख्यमंत्री के रूप में काम करेंगे और राज्य कांग्रेस अध्यक्ष बने रहेंगे.

दो साल पहले कुर्सी को लेकर क्यों नहीं हुआ हंगामा?

उस समय आधिकारिक तौर पर बस यहीं बात खत्म हो गई. अनाधिकारिक तौर पर कर्नाटक की राजनीति में लगभग सभी का मानना ​​था कि एक रोटेशन समझौता हुआ है कि सिद्धारमैया ढाई साल और बाद में डीके शिवकुमार ढाई साल सीएम रहेंगे. पार्टी ने कभी इसकी पुष्टि नहीं की. किसी भी नेता ने खुलकर इसे स्वीकार नहीं किया. इस अस्पष्टता ने गठबंधन को अब तक एकजुट रखा है.

हाल के दिनों में कर्नाटक की राजनीति का केंद्र दिल्ली की ओर हो गया है. सिद्धारमैया ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह अपना कार्यकाल पूरा करना चाहते हैं. शिवकुमार सार्वजनिक रूप से सीधे टकराव से काफी हद तक बचते रहे हैं और लगातार यही कहते रहे हैं कि पार्टी नेतृत्व इस मामले पर फैसला करेगा, लेकिन उनके खेमे के विधायक उन्हें सीएम बनाने की मांग भी कर रहे हैं.

किसी को भी नाराज नहीं कर सकती कांग्रेस

यदि सिद्धारमैया पूरे कार्यकाल तक पद पर बने रहते हैं तो वोक्कालिगा में असंतोष बढ़ सकता है. शिवकुमार का संगठनात्मक तंत्र उत्साह खो सकता है. पुराने मैसूरु की बढ़त को 2028 में बरकरार रखना मुश्किल हो सकता है. अगर ढाई साल के लिए शिवकुमार को कुर्सी मिलती है तो AHINDA मतदाता खुद को हाशिये पर महसूस करेगा. कैबिनेट और प्रशासनिक तंत्र में सिद्धारमैया के लोग कार्यान्वयन का विरोध कर सकते हैं. कांग्रेस को राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश में भी इसी तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा था, जिस वजह से इन राज्यों ने उसे सत्ता गंवानी पड़ी थी.

 

www.joharsagacg.com

जोहार सगा न्यूज़ – धमतरी का एक विश्वसनीय डिजिटल न्यूज़ पोर्टल है, जो शासन, समाज और जनहित से जुड़ी खबरों को सटीक, प्रमाणिक और तेज़ी से जनता तक पहुंचाने का कार्य करता है। हमारा उद्देश्य है – सच्चाई के साथ डिजिटल माध्यम से हर व्यक्ति तक जिम्मेदार पत्रकारिता पहुँचाना।

Edit Template

संपर्क करे

हमसे संपर्क करने के लिए नीचे दिए गए माध्यमों का उपयोग करें:

📞 फोन: 9303600826

✉️ ईमेल: upndrasahusss@gmail.com

📍 पता: भटगांव चौक गोकुलपुर वार्ड धमतरी तह व जिला धमतरी, छत्तीसगढ़, भारत

हम आपके व्यवसाय, ब्रांड या सेवाओं को स्थानीय और क्षेत्रीय स्तर पर प्रचारित करने का अवसर देते हैं।

हमारे विज्ञापन विकल्प:

डिस्प्ले बैनर विज्ञापन, सोशल मीडिया प्रमोशन

प्रायोजित लेख/समाचार


विज्ञापन अस्वीकरण

जोहार सगा न्यूज़ पोर्टल पर प्रकाशित किसी भी विज्ञापन का हम समर्थन नहीं करते। विज्ञापन में दिये गए उत्पाद, सेवाएँ और उनके लाभ विज्ञापन प्रदाताओं की जिम्मेदारी हैं। हमारा उद्देश्य केवल जानकारी देना है — किसी उत्पाद या सेवा से जुड़ी पुष्टि, उपयोगिता या प्रभाव की जिम्मेदारी हमारी नहीं है।

सोशल मिडिया पर हम

 

जोहार सगा न्यूज़ – जनता की आवाज़

धमतरी ज़िले का उभरता डिजिटल वेब न्यूज़ चैनल, जो शासन के नियमों का पालन करते हुए पानी, समाज और जनहित से जुड़े मुद्दों पर साफ-सुथरी पत्रकारिता करता है।

हमारा उद्देश्य है –

  1. जनता की रोज़ी-रोटी और जीवन से जुड़े सवाल शासन-प्रशासन तक पहुँचाना।
  2. सरकारी योजनाओं व नियमों की सटीक जानकारी गाँव-गाँव और शहर तक पहुँचाना।
  3. शिक्षा, रोजगार, खेती, निजीकरण, राजनीति और संस्कृति में बदलाव को उजागर करना।
  4. पानी, जंगल, ज़मीन और पर्यावरण पर जनजागरूकता लाना।

तेज़ रफ़्तार डिजिटल दौर में, “जोहार सगा न्यूज़” भरोसेमंद खबर सीधे आपके मोबाइल तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

“जोहार सगा न्यूज़ – जनता की आवाज़”

देखिए अब YouTube में