दुगली वन धन केन्द्र और औषधीय पौध रोपण से हुए प्रभावित, जिले की वन संपदा और नवाचारों की सराहना
धमतरी/ 31 अक्टूबर वन संपदा और जैव विविधता से भरपूर धमतरी जिला एक बार फिर गौरव का केंद्र बना, जब महाराष्ट्र राज्य के नागपुर से आए भारतीय वन सेवा (IFS) के वरिष्ठ अधिकारियों ने दुगली स्थित वन धन प्रसंस्करण केन्द्र एवं औषधी पौध रोपण क्षेत्र का अध्ययन भ्रमण किया।
धमतरी जिला न केवल वन बाहुल्य क्षेत्र के रूप में जाना जाता है, बल्कि दुर्लभ वनौषधियों के भंडार और सफल वन नवाचारों के लिए भी देशभर में प्रसिद्ध है। इन्हीं विशेषताओं को जानने और अपनाने के उद्देश्य से 29 अक्टूबर को महाराष्ट्र से सात सदस्यीय वन अधिकारी दल जिले में पहुँचा।
वन अधिकारियों का सात सदस्यीय दल पहुंचा धमतरी
इस दल में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख कार्यालय नागपुर से पी. कल्याण कुमार,
अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (एन.टी.एफ.पी.) रमेश कुमार,
मुख्य वन संरक्षक गढ़चिरौली वृत्त शैलेष मीणा,
उप वन संरक्षक भामरागढ़ वनमंडल अग्रिम सैनी,
उप वन संरक्षक मेलघट वनमंडल सायपन शेख,
उप वन संरक्षक जवाहर वनमंडल नितिन सिंह,
तथा उप वन संरक्षक एस.एस. करे शामिल थे।

वन धन केन्द्र में ‘बेस्ट प्रैक्टिसेस’ का किया अवलोकन
भ्रमण के दौरान अधिकारियों ने गैर-लकड़ी वन उत्पादों (NTFP) से जुड़ी जिले की “बेस्ट प्रैक्टिसेस” का अवलोकन किया।
उन्होंने औषधीय पौधों के रोपण, शहद, तेंदूपत्ता, महुआ फूल एवं फल जैसे उत्पादों के साथ-साथ
वन धन विकास केन्द्र दुगली में माहूल पत्ते से बने पत्तल-दोना एवं अन्य उत्पादों का निरीक्षण किया।
दल ने औषधी पौध रोपण क्षेत्र का भी भ्रमण किया, जहाँ उन्हें औषधी रोपण की प्रक्रिया, प्रसंस्करण केन्द्र की गतिविधियाँ, लाख उत्पादन, मार्केटिंग व्यवस्था, और वनमंडल अंतर्गत संचालित योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने की सराहना, कहा – अन्य राज्यों के लिए भी मॉडल बन सकता है धमतरी
अध्ययन भ्रमण के दौरान महाराष्ट्र से आए अधिकारियों ने धमतरी में चल रहे
वन धन केन्द्रों के प्रबंधन, समुदाय आधारित रोजगार सृजन, और औषधीय पौध संरक्षण कार्यों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि धमतरी का मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणादायी उदाहरण बन सकता है।
स्थानीय अधिकारियों की रही उपस्थिति
इस अवसर पर वन मंडलाधिकारी एवं जिला लघु वनोपज प्रबंध संचालक श्रीकृष्ण जाधव,
उप प्रबंध संचालक श्री बी.के. लकड़ा, एस.सी.ओ. श्री गुड्डु दुफारे,
प्रबंधक श्री सुरेश साहू सहित जिला वनोपज सहकारी समिति के अधिकारी उपस्थित रहे।
