कलेक्टर अभिनाश मिश्रा बोले — पशुधन आधारित गतिविधियाँ बनेंगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़
धमतरी/ जिला मुख्यालय में पशुधन विकास विभाग द्वारा कृषक एवं पशुपालकों के बीच संवाद और अनुभव साझा करने के उद्देश्य से “मीटअप (Meetup)” कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस अवसर पर जिले के विभिन्न ग्रामों से आए किसान, दुग्ध उत्पादक, बकरीपालक, मुर्गीपालक और मछलीपालक शामिल हुए। कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञों ने आधुनिक पशुपालन तकनीक, रोग नियंत्रण, पोषक आहार, विपणन एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी दी।
कलेक्टर बोले — खेती के साथ पशुपालन से बढ़ेगी आमदनी
कलेक्टर अभिनाश मिश्रा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि “खेती-किसानी के साथ पशुपालन, मुर्गीपालन, मछलीपालन और बकरीपालन जैसी गतिविधियाँ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का सर्वोत्तम माध्यम बन सकती हैं।”
उन्होंने कहा कि यदि किसान खेती के साथ पशुधन आधारित व्यवसाय अपनाएँ तो उनकी वार्षिक आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।
कलेक्टर ने यह भी बताया कि इच्छुक किसानों को अन्य जिलों या ओडिशा राज्य के अध्ययन दौरे पर भेजा जाएगा ताकि वे सफल मॉडल का प्रत्यक्ष अवलोकन कर सकें। उन्होंने किसानों से योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ाने का आग्रह किया।
विशेषज्ञों ने दी तकनीकी जानकारी
कार्यक्रम में तमिलनाडु के पशुधन विशेषज्ञ डॉ. ई. विजय कुमार ने कहा कि “आधुनिक पशुपालन में वैज्ञानिक तकनीक अपनाने से उत्पादन लागत घटती है और लाभ में वृद्धि होती है।”
वहीं, सहायक संचालक मत्स्य पालन मुकेश राघव ने बताया कि उचित तालाब प्रबंधन से प्रति हेक्टेयर मछली उत्पादन को दोगुना किया जा सकता है।

जिले में खुलेगा पशु आहार संयंत्र
ओडिशा राज्य के कटक स्थित पशुपति एग्रोवेट प्रा. लि. के डायरेक्टर ने जानकारी दी कि उनकी कंपनी द्वारा कुरूद विकासखंड के बगौद औद्योगिक पार्क में पशु आहार संयंत्र स्थापित किया जाएगा। संयंत्र शुरू होने से जिले के पशुपालकों को गुणवत्तापूर्ण पशु आहार सस्ती दर पर उपलब्ध होगा और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
टीकाकरण व संतुलित आहार पर जोर
पशु चिकित्सक डॉ. टी.आर. वर्मा ने पशुओं के टीकाकरण, संतुलित आहार और स्वच्छ आवास के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी।
किसानों ने साझा किए अनुभव
कार्यक्रम के अंत में किसानों ने अपने-अपने अनुभव साझा किए और विभागीय अधिकारियों से तकनीकी मार्गदर्शन प्राप्त किया।
मीटअप का उद्देश्य
इस “मीटअप” का मुख्य उद्देश्य किसानों और पशुपालकों को एक साझा मंच प्रदान करना था, जहाँ वे ज्ञान, नवाचार और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरित हो सकें।
