स्वसहायता समूहों से महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर, सेंट्रिंग प्लेट निर्माण से बढ़ी आमदनी
धमतरी/ 27 अक्टूबर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” अब ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण की मिसाल बन चुका है।
इस योजना से जुड़ी महिलाएं स्वरोजगार, कौशल प्रशिक्षण और वित्तीय सहयोग के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही हैं।
58 महिलाओं को मिला ऋण, शुरू किया सेंट्रिंग प्लेट व्यवसाय
धमतरी जिले में “बिहान” योजना के तहत जुलाई माह तक 58 महिला सदस्यों को सेंट्रिंग प्लेट निर्माण एवं किराये हेतु ऋण प्रदान किया गया।
इनमें धमतरी विकासखंड की 27, कुरूद की 15, मगरलोड की 7 और नगरी की 9 महिलाएं शामिल हैं।
महिलाओं को समूह स्तर पर प्रकरण तैयार कर —
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आरएफ मद से ₹15,000,
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सीआईएफ से ₹60,000 तथा
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बैंक ऋण के रूप में ₹3 लाख की राशि दी गई।
इन पैसों से महिलाओं ने 59,300 वर्गफीट सेंट्रिंग प्लेट खरीदी है, जिन्हें वे प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और अन्य निर्माण कार्यों में ₹20 से ₹25 प्रति वर्गफीट किराये पर दे रही हैं।
इससे उन्हें लगातार अतिरिक्त आमदनी हो रही है।

“आर्थिक सशक्तिकरण के साथ बढ़ा आत्मविश्वास”
महिलाओं ने समूह की सहायता से न केवल आर्थिक रूप से सशक्त बनने की दिशा में कदम बढ़ाया है, बल्कि नियमित बचत और ऋण अदायगी कर आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान भी अर्जित किया है।
इनकी पहल से परिवारों की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया है।
“बिहान योजना से जुड़कर महिलाएं आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं।
समूह आधारित कार्य प्रणाली ने उन्हें आर्थिक, सामाजिक और मानसिक रूप से सशक्त बनाया है।”
— रोमा श्रीवास्तव, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत धमतरी
जिला पंचायत ने दी आर्थिक व तकनीकी सहायता
जिला पंचायत धमतरी द्वारा समूहों को वित्तीय सहायता के साथ-साथ तकनीकी मार्गदर्शन और प्रशिक्षण भी दिया गया।
महिलाएं अब अपने आत्मविश्वास के बल पर न केवल रोज़गार सृजन कर रही हैं, बल्कि अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही हैं।
“महिलाओं की एकजुटता से बदल रही ग्रामीण अर्थव्यवस्था”
“बिहान” योजना ने यह साबित किया है कि जब महिलाएं संगठित होकर आगे बढ़ती हैं,
तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई चेतना और विकास की नई राहें खुलती हैं।
यह साझी मेहनत से साझा समृद्धि का सशक्त उदाहरण बन गया है।
