धमतरी कलेक्टर ने जारी किया आदेश, राजस्व वर्ष 2025-26 से होगा लागू
धमतरी/ जिले के ग्रामीण प्रशासनिक ढाँचे में एक अहम बदलाव करते हुए कलेक्टर अभिनाश मिश्रा ने ग्राम पुरी और पुरी नंबर-02 को अलग-अलग राजस्व ग्राम के रूप में घोषित कर दिया है। यह आदेश छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 73 के तहत जारी किया गया है और राजस्व वर्ष 2025-26 से प्रभावशील होगा।
पुरी नंबर-02 को ग्राम पुरी से पृथक कर स्वतंत्र राजस्व ग्राम के रूप में गठित किया गया है। दोनों गाँव तहसील धमतरी के राजस्व निरीक्षक मंडल छाती के अंतर्गत आते हैं और एक ही ग्राम पंचायत में सम्मिलित हैं।
1996-97 से अलग दर्ज हैं दोनों गाँव
मिली जानकारी के अनुसार, मिसल सर्वेक्षण वर्ष 1996-97 में दोनों गाँवों को क्रमशः पुरी म.नं. 01 और पुरी म.नं. 02 के रूप में दर्ज किया गया था। वर्तमान में भुईंया सॉफ्टवेयर में भी दोनों गाँवों के नाम अलग-अलग दर्ज हैं।
दोनों ग्रामों के लिए अलग नक्शा, खसरा पंचशाला, किश्तबंदी खतौनी और अन्य राजस्व अभिलेख तैयार कर लिए गए हैं। ग्रामों के पृथक्करण संबंधी ईश्तहार 25 अगस्त 2021 को प्रकाशित किए गए थे, जिन पर कोई आपत्ति प्राप्त नहीं हुई। इसके बाद 7 अक्टूबर 2021 की ग्रामसभा में यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।

सुविधाएँ और संसाधन भी अलग-अलग
कलेक्टर ने आदेश में कहा है कि दोनों ग्रामों में पर्याप्त दखलरहित भूमि, भौगोलिक क्षेत्र, आबादी, चारागान, रास्ते, प्राथमिक शाला, आंगनबाड़ी, तालाब, कब्रिस्तान, चौपाल और अन्य सामुदायिक सुविधाएँ स्वतंत्र रूप से मौजूद हैं।
जनगणना 2011 के अनुसार —
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पुरी नंबर-02 की जनसंख्या : 521
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पुरी की जनसंख्या : 1712
राजपत्र में भी होगा प्रकाशन
कलेक्टर ने अधीक्षक भू-अभिलेख को निर्देशित किया है कि आदेश जारी होने के एक माह के भीतर दल गठित कर खसरा नंबर 1 से पुनः प्रारंभ करते हुए पुनरंकन की कार्रवाई पूरी की जाए तथा नक्शा और अन्य पटवारी अभिलेख पृथक रूप से तैयार किए जाएँ।
आदेश की प्रति छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशनार्थ भेजी गई है। साथ ही सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे दोनों ग्रामों को अलग-अलग राजस्व ग्राम के रूप में अपने अभिलेखों में दर्ज करें।
