सोने की बढ़ती कीमतों के बीच भारत ने एक शानदार उपलब्धि हासिल की है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का गोल्ड रिजर्व पहली बार 100 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर गया है. 10 को समाप्त हुए हफ्ते में देश का गोल्ड रिजर्व 3.59 अरब डॉलर बढ़कर 102.36 अरब डॉलर के लेवल पर पहुंच चुका है. यह लगातार सातवां हफ्ता है, जब भारत का स्वर्ण भंडार बढ़ा है. हालांकि, इस दौरान विदेशी मुद्रा भंडार मामूली रूप से घटकर 697.78 अरब डॉलर रह गया.
टोटल गोल्ड रिजर्व में भारत की बढ़ी हिस्सेदारी
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अब टोटल गोल्ड रिजर्व में भारत का हिस्सा 14.7 परसेंट है—जो 1990 के दशक के बाद से सबसे अधिक है.रिजर्व बैंक ने जनवरी से सितंबर के बीच लगभग 4 टन सोने की खरीदारी की, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में आरबीआई ने लगभग 57.5 टन सोना खरीदा. साल 2025 के शुरुआती नौ महीनों में से केवल चार ही महीने रिजर्व बैंक ने सोने की शुद्ध खरीदारी की.

डॉलर से हट रहा है फोकस
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल में भारत की रिचर्स हेड कविता चाको ने कहा, भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी में जबरदस्त इजाफा हुआ है, जो खासतौर पर सोने की बढ़ती कीमतों के चलते बढ़ते वैल्यूएशन के चलते हुआ है. इस तेजी ने वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच रिजर्व में अलग-अलग चीजों की हिस्सेदारी बढ़ाने को लेकर वैश्विक धारणा को बल दिया है. दुनिया के कई सेंट्रल बैंक अब डॉलर से हटकर सोने की खरीदारी पर फोकस कर रहे हैं. भू-राजनीतिक जोखिम के बीच इनकी कोशिश डॉलर पर निर्भरता को कम करना है. पोलेंड से लेकर उज्बेकिस्तान और तुर्की जैसे देशों ने जमकर सोने की खरीदारी की है.
विदेशी मुद्रा भंडार कम हुआ
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, 10 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 2.176 अरब डॉलर घटकर 697.784 अरब डॉलर रह गया. यह लगातार दूसरी साप्ताहिक गिरावट है. इससे पहले पिछले सप्ताह भंडार 27.6 करोड़ डॉलर घटकर 699.96 अरब डॉलर रह गया था. आरबीआई की डेटा के मुताबिक, विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा घटक विदेशी मुद्रा आस्तियां (FCA) 5.60 अरब डॉलर की भारी गिरावट के साथ 572.10 अरब डॉलर रह गईं. FCA के आंकड़े रिजर्व में रखे यूरो, पाउंड और येन जैसी करेंसीज के वैल्यूएशन में घट-बढ़ को दर्शाते हैं.
