धमतरी/ धमतरी जिले में साइबर अपराध पर लगातार शिकंजा कसते हुए पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। थाना अर्जुनी और थाना मगरलोड पुलिस की संयुक्त कार्यवाही में फर्जी सिम कार्ड जारी करने वाले दो POS एजेंटों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के पास से मोबाइल, सिम कार्ड और सिम जनरेशन के उपकरण जब्त किए गए हैं।
एसपी धमतरी के निर्देशन में की गई कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक (एसपी) धमतरी के निर्देश पर चलाए जा रहे साइबर अपराध विरोधी अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। इससे पहले भी सिटी कोतवाली व सिहावा पुलिस चार अन्य आरोपियों को जेल भेज चुकी है।
प्रकरण 1: अर्जुनी थाना क्षेत्र
पुलिस मुख्यालय, अटल नगर नवा रायपुर से प्राप्त इनपुट पर जांच करते हुए थाना अर्जुनी पुलिस ने POS एजेंट नूरेन्द्र पुरी (उम्र 23, ग्राम तरसींवा) को गिरफ्तार किया।
🔸 आरोपी ने भारतीय एयरटेल लिमिटेड के 95 और वोडाफोन-आईडिया के 44 – कुल 139 फर्जी सिम कार्ड जारी किए थे।
🔸 सिम कार्ड बिना वैध सत्यापन के, ग्राहकों के आधार, फोटो और बायोमेट्रिक डेटा का दुरुपयोग कर एक्टिवेट किए गए थे।
🔸 कई सिम कार्ड साइबर फ्रॉड, ओटीपी चोरी और फर्जी कॉल में इस्तेमाल हुए हैं।
🔸 आरोपी से मोबाइल और एक्टिव सिम कार्ड जब्त किए गए हैं।
📌 अपराध क्रमांक: 40/2025
📌 धाराएं: BNS 318(4), IT Act 66(C), टेलीकॉम एक्ट 42(3)(E)
📌 स्थिति: आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।

प्रकरण 2: मगरलोड थाना क्षेत्र
यहां POS एजेंट नंदकुमार निषाद (उम्र 41, ग्राम बोरसी भाठापारा) को गिरफ्तार किया गया।
🔸 शिकायतकर्ता दुर्जन राम सिन्हा के आधार और फेस आईडी का दुरुपयोग कर फर्जी सिम जारी किया गया था।
🔸 जांच में पता चला कि आरोपी ने जिओ POS ID का दुरुपयोग कर यह सिम कार्ड किसी अन्य व्यक्ति को जारी किया।
🔸 आरोपी से मोबाइल फोन और POS उपकरण जब्त किए गए हैं।
📌 अपराध क्रमांक: 57/2025
📌 धाराएं: IPC 419, 420, IT Act 66(C), Telecom Act 42(3)(E)
📌 स्थिति: आरोपी न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया।
❗ अब तक 6 गिरफ्तार, कार्रवाई जारी
धमतरी जिले के सिटी कोतवाली व सिहावा पुलिस पहले ही 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। सभी मामलों में सख्त वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।
क्या है “फर्जी सिम” और “म्यूल अकाउंट”?
🔸 फर्जी सिम: वह मोबाइल नंबर जो झूठे दस्तावेज, आधार की चोरी या बिना पहचान सत्यापन के जारी किया जाता है। इसका इस्तेमाल फर्जी कॉल सेंटर, बैंक फ्रॉड और साइबर ठगी में होता है।
🔸 म्यूल अकाउंट: ऐसे बैंक खाते जो साइबर ठगी के पैसों को रिसीव करने और आगे ट्रांसफर करने के लिए किराए पर लिए जाते हैं।
➡️ खाता धारक भी अपराध में सहभागी माना जाता है।
📌 इन मामलों में IT Act की धारा 66C, 66D, BNS की धारा 420 आदि के तहत सख्त कार्रवाई की जाती है।
धमतरी पुलिस की चेतावनी
➡️ फर्जी सिम बेचने वाले या म्यूल अकाउंट धारक सतर्क हो जाएं।
➡️ आप सीधे साइबर अपराध में सहभागी बनते हैं।
➡️ अब तक 6 लोग जेल जा चुके हैं, और जांच आगे भी जारी है।
➡️ जो कोई भी अपने बैंक खाते या सिम का दुरुपयोग करवाएगा, उसके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई होगी।
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