धमतरी/ 14 अक्टूबर छत्तीसगढ़ की रजत जयंती पर जब प्रदेश अपनी 25 वर्षों की विकास यात्रा का जश्न मना रहा है, तब “सौर सुजला योजना” की सफलता इसकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक बनकर उभर रही है। खासतौर पर धमतरी जिले के किसानों के लिए यह योजना खुशहाली की नई किरण साबित हुई है।
अब सूरज बन गया सिंचाई का सहारा
जहां पहले किसान सिर्फ बरसात पर खेती करते थे, वहीं अब सोलर पंप के जरिए साल भर सिंचाई कर पा रहे हैं। क्रेडा द्वारा जिले में अब तक 3068 सोलर पंप लगाए जा चुके हैं, जिनसे धान, गेहूं, मक्का, सब्ज़ी, फल-फूल जैसी फसलें ली जा रही हैं।किसानों की जुबानी—कैसे बदला जीवन
अमृतलाल, ग्राम गोरेगांव:
“बिजली की लाइन खेत तक नहीं थी, सोलर पंप से अब सालभर खेती कर रहा हूँ। आमदनी बढ़ी है, बच्चे अच्छे स्कूल में पढ़ रहे हैं।”

👉 लक्ष्मीनाथ, ग्राम चिपली:
“डीजल महंगा था। अब सूरज से पानी मिल रहा है, खर्च शून्य है। छोटे किसानों के लिए ये योजना वरदान है।”
👉 रामेश्वर, ग्राम भोथली:
“पहले नौकरी के लिए शहर जाता था, अब गांव में ही अच्छी खेती हो रही है।”
👉 महिला किसान:
“सब्ज़ी बेचकर हर महीने अच्छी कमाई हो जाती है, बाहर काम करने की जरूरत नहीं।”
90% तक अनुदान—छोटे किसानों को बड़ा सहारा
योजना के तहत किसानों को 90% तक अनुदान मिलता है। एनिकट, स्टॉप डेम जैसी जगहों पर 97% अनुदान पर 3 से 5 एचपी क्षमता वाले सोलर पंप लगाए जा रहे हैं। इससे सीमांत और जलस्रोत के पास बसे किसानों को बड़ा फायदा हो रहा है।
लक्ष्य और प्रगति
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2024-25 में धमतरी को 400 सोलर पंप का लक्ष्य मिला था, जिसमें 252 आवेदन आए हैं।
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2025-26 (फेस-09) में 205 सोलर पंप का लक्ष्य मिला, जिनमें 165 पंप लग चुके हैं।
🌱 खेती ही नहीं, पर्यावरण का भी संरक्षण
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सौर पंप प्रदूषण मुक्त हैं और डीजल-पेट्रोल पर खर्च नहीं होता।
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यह योजना हरित क्रांति और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
