प्रभारी सचिव करें ज़मीनी निरीक्षण, राहत और पुनर्वास कार्यों में न हो कोई कमी: मुख्यमंत्री
📍 रायपुर/ 28 अगस्त बस्तर संभाग में बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सख्त और संवेदनशील रुख अपनाया है। उन्होंने प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि हर बाढ़ पीड़ित परिवार तक शीघ्र और समुचित राहत पहुंचे और कोई भी जरूरतमंद बिना सहायता के न रहे।
मुख्यमंत्री साय ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा के कलेक्टरों व वरिष्ठ अधिकारियों से राहत कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।
मुख्यमंत्री के मुख्य निर्देश:
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राशन, कपड़े, दवाइयों और पेयजल की आपूर्ति तुरंत सुनिश्चित की जाए।
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जनहानि और पशुहानि पर राहत राशि बिना विलंब के दी जाए।
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तिरपाल, बाँस-बल्ली व अन्य आवश्यक सामग्री की आपूर्ति प्राथमिकता से की जाए।
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राहत शिविरों में भोजन, चिकित्सा और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए।
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प्रभारी सचिव स्वयं जिलों का दौरा करें और राहत कार्यों का ज़मीनी निरीक्षण करें।
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सड़क संपर्क बहाल करने, बिजली आपूर्ति पुनर्स्थापना और पुल-पुलियों की मरम्मत युद्ध स्तर पर हो।
“प्रशासन का साथ हर परिवार को महसूस होना चाहिए” – मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री ने कहा:
“प्रभावित लोगों की पीड़ा कम करना हमारी सर्वोच्च जिम्मेदारी है। यह सुनिश्चित करें कि बाढ़ पीड़ितों को यह महसूस हो कि संकट की इस घड़ी में सरकार और प्रशासन उनके साथ खड़ा है।”
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी और निर्देश:
समीक्षा बैठक में कई उच्चाधिकारी शामिल रहे:
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मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने कलेक्टरों से कहा कि शासन स्तर से किसी भी अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता हो तो तुरंत प्रस्ताव भेजें।
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मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह ने राहत शिविरों में समुचित व्यवस्था, स्वास्थ्य शिविर, व पेयजल की उपलब्धता को अनिवार्य बताया।
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राजस्व सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले ने बस्तर संभाग में अब तक हुए राहत कार्यों की जानकारी दी और बताया कि अतिरिक्त राशन का वितरण किया जा चुका है।
स्थानीय अपडेट:
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कलेक्टरों ने जानकारी दी कि अधिकांश इलाकों में पानी उतरने लगा है, हालात नियंत्रण में हैं।
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प्रशासन का पूरा ध्यान अब तेजी से पुनर्वास और सहायता पहुंचाने पर केंद्रित है।
उपस्थित प्रमुख अधिकारी:
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लोक निर्माण विभाग सचिव कमलप्रीत सिंह
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बस्तर संभाग आयुक्त डोमन सिंह
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पुलिस महानिरीक्षक पी. सुन्दरराज
निष्कर्ष:
मुख्यमंत्री की पहल और निर्देशों से स्पष्ट है कि राज्य सरकार बस्तर के बाढ़ प्रभावित लोगों के साथ पूरी संवेदनशीलता और तत्परता से खड़ी है। प्रशासन के हर स्तर पर राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण के प्रयासों को गति दी जा रही है।