सियोल/ रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सियोल स्थित कोरिया इंटरनेशनल ट्रेड एसोसिएशन (KITA) के चेयरमैन जिन सिक युन और वाइस प्रेसिडेंट किम की ह्यून से महत्वपूर्ण मुलाकात की। इस अवसर पर निवेश, तकनीकी सहयोग और कौशल विकास (स्किलिंग) को लेकर छत्तीसगढ़–कोरिया साझेदारी की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
KITA, एशिया का अग्रणी व्यापारिक संगठन है, जिसमें 77,000 से अधिक सदस्य कंपनियाँ शामिल हैं। इस मंच के साथ मुख्यमंत्री की यह बातचीत छत्तीसगढ़ के लिए वैश्विक औद्योगिक अवसरों की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री साय: “कोरिया के साथ साझेदारी छत्तीसगढ़ को वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर लाएगी”
मुख्यमंत्री साय ने कहा:
“दक्षिण कोरिया के साथ हमारे संबंध केवल व्यापारिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक भी हैं। KITA के साथ संवाद से छत्तीसगढ़ में नवाचार, तकनीकी हस्तांतरण और स्किलिंग के नए द्वार खुलेंगे, जिससे हमारे युवाओं को वैश्विक स्तर पर अवसर मिलेंगे।”
उन्होंने भरोसा दिलाया कि छत्तीसगढ़ सरकार:
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निवेशकों को सिंगल-विंडो स्वीकृति,
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बिजनेस फ्रेंडली माहौल,
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और आवश्यक आधारभूत संरचना
प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
इन प्रमुख क्षेत्रों में निवेश को लेकर चर्चा
बैठक में निम्न प्रमुख क्षेत्रों में कोरियाई निवेश की संभावनाओं पर सहमति बनी:
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फूड प्रोसेसिंग
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इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण
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ऑटोमोबाइल
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स्टील और खनिज आधारित उद्योग
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ग्रीन और रिन्यूएबल एनर्जी
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि इन क्षेत्रों में निवेश से हजारों रोजगार के अवसर सृजित होंगे और स्थानीय उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी।
KITA ने दिखाई गहरी रुचि
KITA के चेयरमैन जिन सिक युन और वाइस प्रेसिडेंट किम की ह्यून ने छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नीति 2024–30, संसाधनों और मानवीय क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि कोरियाई कंपनियाँ राज्य में निवेश को लेकर उत्साहित हैं।
उन्होंने निकट भविष्य में साझेदारी के ठोस प्रयास शुरू करने का आश्वासन भी दिया।
स्थानीय स्तर पर होगा सीधा लाभ
मुख्यमंत्री साय ने यह भी कहा:
“यह सहयोग किसानों, श्रमिकों और उद्यमियों को सीधा लाभ पहुंचाएगा। युवाओं को स्किलिंग और तकनीकी प्रशिक्षण मिलेगा और छत्तीसगढ़ की मानव संसाधन क्षमता वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनेगी।”
छत्तीसगढ़: आत्मनिर्भरता और वैश्विक साझेदारी का आदर्श
मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ वैश्विक औद्योगिक साझेदारी का एक आदर्श उदाहरण बनेगा। राज्य प्राकृतिक संसाधनों, कुशल श्रमबल, और गतिशील नेतृत्व के दम पर आत्मनिर्भर भारत की दिशा में ठोस कदम बढ़ा रहा है।