धमतरी/ शहर में बुधवार शाम हुई तेज बारिश ने दो परिवारों से उनका आशियाना छीन लिया। मराठा पारा स्थित मंगल भवन के पास स्थित कच्चे मकानों के ढहने से पीड़ित परिवारों का सारा जरूरी सामान मलबे में दब गया। हालांकि, जान की हानि नहीं हुई, लेकिन संपत्ति की भारी क्षति हुई है। प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से राहत की गुहार लगाई है।
कुशल ध्रुव और सत्तू यादव के मकान जमींदोज
घटना में कुशल ध्रुव और सत्तू यादव के मकान पूरी तरह से ढह गए। लगातार बारिश के चलते दीवारें कमजोर हुईं और शाम को मकान भरभराकर गिर गया।
गनीमत रही कि हादसे के वक्त परिवार के सदस्य घर से बाहर थे, अन्यथा बड़ा नुकसान हो सकता था। सत्तू यादव ने बताया कि घर के अंदर अलमारी, पलंग, बर्तन जैसे जरूरी सामान दब गए हैं। मकान लगभग 30-40 साल पुराना था।
प्रशासन सक्रिय, महापौर पहुंचे मौके पर
घटना की जानकारी मिलते ही महापौर रामू रोहरा गुरुवार सुबह 7 बजे घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मिलकर ढांढस बंधाया और तत्काल राहत कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
महापौर ने मौके से ही तहसीलदार को कॉल कर सर्वे कराने और सरकारी मुआवजा व अन्य मदद मुहैया कराने के निर्देश दिए।
“धमतरी नगर निगम हर आपदा की घड़ी में नागरिकों के साथ है। पीड़ितों की सुरक्षा और पुनर्वास हमारी प्राथमिकता है।” – महापौर रामू रोहरा
स्थानीय पार्षदों ने की मदद की अपील
वार्ड पार्षद संजय ध्रुव ने भी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कहा कि जल्द से जल्द सर्वे कराकर पीड़ितों को आपदा राहत राशि और पुनर्वास की व्यवस्था करवाई जाए।
अब भी बारिश बनी खतरा
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश थमती नहीं दिख रही, जिससे अन्य पुराने कच्चे मकानों पर भी खतरा मंडरा रहा है।
नगर निगम से अपील है कि ऐसे मकानों की शीघ्र जांच कराई जाए ताकि किसी और हादसे को रोका जा सके।
जनता से सहयोग की अपील
धमतरी नगर निगम ने आम नागरिकों से अपील की है कि अपने आस-पास के जर्जर मकानों की सूचना प्रशासन को दें, और संभावित खतरे से सतर्क रहें।