रायपुर/ नवा रायपुर में आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बलिदान और शौर्य की स्मृति में बन रहा ‘शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय’ अब पूर्णता की ओर है। आगामी छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस (30 अक्टूबर) के रजत जयंती एवं जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर इस संग्रहालय का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रस्तावित है।
इस संग्रहालय का निरीक्षण मंगलवार को आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने किया। उन्होंने संग्रहालय परिसर में चल रहे अंतिम चरण के कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को उच्च गुणवत्ता, समयबद्धता और वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
आदिवासी गौरव का प्रतीक बनेगा संग्रहालय
प्रमुख सचिव श्री बोरा ने कहा कि यह संग्रहालय छत्तीसगढ़ के आदिवासी वीरों के संघर्ष और बलिदान का जीवंत प्रतीक होगा। इसमें हल्बा विद्रोह, सरगुजा विद्रोह, भोपालपट्टनम, परलकोट, तारापुर, लिंगागिरी, कोई विद्रोह, भूमकाल, झंडा सत्याग्रह, जंगल सत्याग्रह आदि जैसे ऐतिहासिक आंदोलनों को दृश्य और डिजिटल माध्यमों से प्रदर्शित किया जा रहा है।
संग्रहालय में भगवान बिरसा मुंडा और रानी गाइडल्यू की मूर्तियों के साथ-साथ ट्राइबल कलाकारों की कला से सजे फर्श, डिजिटल गैलरी, और स्मृति चिन्हों की बिक्री हेतु सोवेनियर शॉप भी होगी। प्रमुख सचिव ने निर्देश दिया कि इस शॉप को गढ़ कलेवा, ट्रायफेड या अन्य मान्यता प्राप्त संस्था को ट्राइबल उत्पादों की विक्रय शर्त के साथ दिया जाए।
निर्माण कार्य 30 सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य
संग्रहालय का कार्य 30 सितंबर 2025 तक पूरा किया जाना है। अंतिम फिनिशिंग, रंग-रोगन, डिजिटलीकरण, और वस्तु संग्रहण का कार्य जारी है। संग्रहालय में प्रत्येक सामग्री की गुणवत्ता, डिज़ाइन और प्रस्तुति को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
बैठक में शामिल रहे वरिष्ठ अधिकारी:
निरीक्षण बैठक में आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर, अंत्यावसायी निगम के संचालक जगदीश सोनकर, TRTI की संचालक हिना अनिमेष नेताम, संयुक्त सचिव बी.के. राजपूत, उपायुक्त गायत्री नेताम, अपर संचालक जितेन्द्र गुप्ता, कार्यपालन यंत्री त्रिदीप चक्रवर्ती, निर्माण एजेंसी के इंजीनियर, ठेकेदार, क्यूरेटर, एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।